RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों को रजिस्ट्री एवं पंजीयन से जुड़ी सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने रजिस्ट्रीकरण अधिनियम–1908 के तहत प्रदेश के चार स्थानों पर नए उप पंजीयक कार्यालय खोलने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
इनमें धमतरी जिले के भखारा, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के लवन (तहसील मुख्यालय) तथा बिलासपुर जिले के सकरी और राजकिशोर नगर शामिल हैं। नए कार्यालयों के खुलने से संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को अब रजिस्ट्री कार्य के लिए जिला मुख्यालयों की लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।

सरकार के इस फैसले से समय और धन की बचत होगी, पंजीयन कार्यालयों में भीड़ कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम व पारदर्शी बनेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि शासन की सेवाएं आम नागरिकों तक उनके निकटतम स्तर पर पहुंचें। नए उप पंजीयक कार्यालयों की स्वीकृति से लोगों को पंजीयन से जुड़े कार्यों में बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय सुशासन की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों का समय बचेगा।

वित्त एवं वाणिज्य कर तथा पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार नागरिक सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। चार नए उप पंजीयक कार्यालयों की मंजूरी इसी सोच का परिणाम है। इससे पंजीयन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा लोगों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पंजीयन विभाग द्वारा 10 महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए हैं, जिनका लाभ इन क्षेत्रों के नागरिकों को भी मिलेगा। इनमें ऑटो डीड जनरेशन, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, घर बैठे रजिस्ट्री, स्वतः नामांतरण, ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाणपत्र, एकीकृत कैशलेस भुगतान, व्हाट्सएप आधारित सेवाएं, डिजीलॉकर एकीकरण, डिजी-डॉक सेवा तथा खसरा नंबर के माध्यम से ऑनलाइन सर्च और रजिस्ट्री डाउनलोड जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

राज्य सरकार का यह निर्णय पंजीयन व्यवस्था को अधिक विकेंद्रीकृत, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




































