RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ की आबकारी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने ड्राई डे की परंपरा में कटौती कर दी है। इसके तहत अब होली के दिन शराब दुकानें बंद नहीं होंगी। यह पहला मौका होगा जब रंगों के पर्व पर प्रदेशभर में शराब की बिक्री सामान्य रूप से होगी। आबकारी विभाग के इस फैसले के बाद ड्राई डे की संख्या घटकर अब सिर्फ 5 दिन रह गई है। अब तक प्रदेश में साल के 8 अवसरों पर ड्राई डे घोषित रहता था, जिसमें होली और दिवाली जैसे बड़े त्योहार भी शामिल थे।

नई नीति के तहत होली को ड्राई डे की सूची से बाहर कर दिया गया है। विभाग का तर्क है कि इससे त्योहार से एक दिन पहले शराब दुकानों पर उमड़ने वाली भीड़ और अनावश्यक स्टॉकिंग की स्थिति नहीं बनेगी। आबकारी विभाग ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) को भी ड्राई डे की श्रेणी से हटा दिया है। इसी कारण शुक्रवार को पूरे छत्तीसगढ़ में शराब दुकानें खुली रहीं। इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस ने ड्राई डे घटाने के फैसले पर आपत्ति जताते हुए इसे जनभावनाओं के खिलाफ बताया है।

नई आबकारी नीति के अनुसार अब प्रदेश में केवल इन मौकों पर ही ड्राई डे रहेगा- 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस), 2 अक्टूबर (महात्मा गांधी जयंती), मोहर्रम, 18 दिसंबर (बाबा गुरु घासीदास जयंती) शामिल है। आबकारी अधिकारियों के अनुसार सरकार की मंशा ड्राई डे की संख्या कम करने की थी। इसी नीति के तहत होली, दिवाली, मोहर्रम और 30 जनवरी को ड्राई डे की सूची से बाहर किया गया है।

इससे पहले इन सभी दिनों में शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहती थी। नई व्यवस्था के बाद यह साफ हो गया है कि छत्तीसगढ़ में त्योहारों के दौरान शराब बिक्री को लेकर सरकार का रुख पहले की तुलना में ज्यादा लचीला हो गया है। आने वाले समय में इस फैसले का सामाजिक और राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।



































