NEW DELHI NEWS. भारत के बाजार में अब यूरोपीय उत्पादों की पहुंच आसान होने वाली है। लंबे इंतजार के बाद भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप दे दिया गया है। भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड डील का औपचारिक ऐलान 16वें भारत-EU समिट के दौरान किया गया। इस समझौते के बाद भारत में यूरोपीय लग्जरी कारों, शराब, वाइन और कई हाई-टेक उत्पादों पर लगने वाला भारी टैक्स काफी हद तक कम हो जाएगा। खास तौर पर BMW और मर्सिडीज जैसी यूरोपीय कारों पर टैक्स 110% से घटकर 10% तक लाने का प्रावधान किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि भारत-EU के बीच FTA पर सहमति बन चुकी है। समिट के दौरान पीएम मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने इस ऐतिहासिक समझौते की घोषणा की। इस अवसर पर कई अहम दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ, जिन पर यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कलास और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हस्ताक्षर किए।

PM मोदी: इतिहास का सबसे बड़ा FTA
भारत-EU की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों ने एक निर्णायक अध्याय जोड़ा है। उन्होंने बताया कि भारत और EU के बीच मौजूदा व्यापार 180 अरब यूरो का है और यह समझौता दोनों पक्षों की साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। पीएम मोदी ने इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बताया।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन: इतिहास रचने वाला समझौता
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस डील को “इतिहास रचने वाला कदम” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता करीब दो दशकों की बातचीत के बाद संभव हो पाया है और इससे भारत व EU के करीब 2 अरब लोगों के बाजार आपस में जुड़ेंगे, जिससे व्यापार और निवेश में बड़ा उछाल आएगा।

शराब, वाइन और खाद्य उत्पाद होंगे सस्ते
FTA के तहत भारत ने यूरोप से आने वाले कई उत्पादों पर भारी शुल्क कम करने पर सहमति दी है।
यूरोपीय शराब पर लगने वाला 150% टैरिफ घटाकर 20–30% किया जाएगा।
बीयर पर शुल्क 110% से घटकर 50% होगा।
स्पिरिट पर टैक्स 40% तय किया गया है।
जैतून का तेल, मार्जरीन और अन्य वनस्पति तेलों पर अब शून्य टैक्स लगेगा।
कारों, मशीनरी और एविएशन सेक्टर को फायदा।
यूरोपीय कारों के लिए भारत ने हर साल 2.5 लाख वाहनों का कोटा तय किया है और आयात शुल्क को चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10% तक लाया जाएगा।
मशीनरी पर 44% तक और रसायनों पर 22% तक लगने वाला टैक्स लगभग समाप्त हो जाएगा। वहीं विमान और अंतरिक्ष से जुड़े लगभग सभी उत्पाद बिना टैरिफ भारत आ सकेंगे, जिससे एविएशन और हाई-टेक इंडस्ट्री को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।


































