NEW DELHI NEWS. हाईवे पर सफर अब पहले से ज्यादा तेज और आरामदायक हो गया है, लेकिन टोल प्लाजा पर FASTag की तकनीकी गड़बड़ी आज भी कई ड्राइवरों की परेशानी बढ़ा देती है। कई बार ऐसा होता है कि FASTag अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद मशीन टैक्स काट नहीं पाती और वाहन चालकों को बेवजह रोका जाता है। कई मामलों में तो मजबूरी में दोगुना टोल भी वसूला जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसी स्थिति में नियम आपके पक्ष में हैं और आप बिना टोल चुकाए आगे बढ़ सकते हैं?

देशभर में रोज लाखों वाहन टोल प्लाजा से गुजरते हैं। FASTag सिस्टम सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक मशीनों पर निर्भर करता है। कई बार नेटवर्क फेल, सेंसर खराब या मशीन में तकनीकी दिक्कत की वजह से टैग स्कैन नहीं हो पाता। ऐसे में वाहन चालक को रोका जाता है और विवाद की स्थिति बन जाती है। टोल प्लाजा पर अनावश्यक बहस और अतिरिक्त भुगतान से बचने के लिए जरूरी है कि वाहन चालक नियमों की जानकारी रखें। FASTag में बैलेंस होने के बावजूद तकनीकी खराबी की स्थिति में आपको टोल देने की मजबूरी नहीं है, बस सही नियम जानना और सही जगह शिकायत करना जरूरी है।

जानिए क्या कहता है नियम
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 में जारी नोटिफिकेशन में इस समस्या का साफ समाधान बताया है। इसके उप-नियम (3ख) के उपबंध (3क) के अनुसार यदि वाहन पर विधिमान्य और कार्यशील FASTag लगा है और उससे जुड़े खाते में पर्याप्त राशि मौजूद है, लेकिन टोल प्लाजा की इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली की खराबी के कारण भुगतान नहीं हो पाता, तो वाहन चालक को बिना किसी टोल शुल्क के टोल प्लाजा पार करने की अनुमति दी जाएगी। इस स्थिति में टोल एजेंसी को शून्य-लेनदेन (Zero Transaction) की रसीद जारी करनी होती है।

अगर फिर भी पैसा मांगा जाए तो क्या करें?
यदि FASTag बैलेंस होने के बावजूद आपसे टोल वसूला जाता है और शून्य-लेनदेन रसीद नहीं दी जाती, तो आप तुरंत टोल प्लाजा मैनेजर के पास लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, NHAI की हेल्पलाइन या ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर भी मामले की जानकारी देकर शिकायत दर्ज की जा सकती है।
UPI से भुगतान का विकल्प भी मौजूद
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने हाल ही में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि FASTag से भुगतान संभव न हो या वाहन पर FASTag न लगा हो, तो टोल का भुगतान UPI के जरिए किया जा सकता है। हालांकि, इस स्थिति में वाहन चालक को 1.25 गुना टोल शुल्क देना पड़ता है।

































