BALAUDABAZAR NEWS. बलौदा बाजार ज़िले से एक ऐसा अंधेक़त्ल का मामला सामने आया था। जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। बीते 11 जनवरी को रेलवे लाइन पर मिले बिना सिर के शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। इस हत्या की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी ने रची। पत्नी, मामा और दो सुपारी किलर्स—चार आरोपी गिरफ्तार किये गए है। पूरे मामले में बलौदा बाजार एसपी भावना गुप्ता ने खुलासा किया है।

11 जनवरी 2026 की सुबह करीब साढ़े चार बजे थाना हथबंद पुलिस को सूचना मिलती है कि ग्राम मजगांव के पास रेलवे लाइन पर एक अज्ञात शव पड़ा हुआ है। पुलिस जब मौके पर पहुंचती है, तो वहां मौजूद हर शख्स सन्न रह जाता है। रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा शव बिना सिर का था। गला धारदार हथियार से कटा हुआ था। शुरुआती जांच में ही साफ हो गया— यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक क्रूर और सुनियोजित हत्या है।
शव के पास कोई पहचान पत्र मौजूद नहीं था। मृतक ने हल्के नीले रंग की जींस पहनी हुई थी और उसके दाहिने हाथ की कलाई पर अंग्रेजी में गुदा हुआ नाम था— “G.K. JOSHI”… यही एकमात्र सुराग पुलिस के सामने था, जिससे अंधे कत्ल की परतें खुलनी शुरू हुईं। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी— शव का सिर ढूंढना और उसकी पहचान करना। करीब 80 पुलिसकर्मियों की टीम ने चार किलोमीटर तक के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। खेत, जंगल, नाले— लेकिन सिर नहीं मिला। इससे यह साफ हो गया कि आरोपी सिर को जानबूझकर कहीं और ले गए हैं।

इसके बाद पुलिस ने तकनीक और खुफिया तंत्र का सहारा लिया। आसपास के गांवों में मुनादी कराई गई। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स में शव का हुलिया साझा किया गया। साथ ही साइबर सेल ने घटनास्थल के आसपास के मोबाइल डेटा और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। लगातार चार दिनों की मेहनत के बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली। शव की पहचान हुई— गैस कुमार जोशी, उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम भोथीडीह, जिला बेमेतरा।
पहचान होते ही पुलिस की जांच एक नई दिशा में बढ़ गई। पूछताछ में सामने आया रिश्तों को शर्मसार करने वाला सच। मृतक की पत्नी कुसुम जोशी अपने पति से लगातार झगड़े, मारपीट और अमानवीय व्यवहार से परेशान थी। इसी तनाव और नाराज़गी ने हत्या की साजिश को जन्म दिया। पत्नी ने अपने मामा राजेश भारती और दो सुपारी किलर्स— दारासिंह अनंत और करन अनंत—के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। 40 हजार रुपये में सुपारी तय हुई।
पार्टी के बहाने पति को बुलाया गया और पहले से रची गई साजिश पर काम शुरू हुआ। रात के समय पति को अत्यधिक शराब पिलाई गई। नशे की हालत में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे कार में डालकर ग्राम मजगांव रेलवे लाइन की ओर ले गए। रेलवे लाइन के पास धारदार तलवार से गैस कुमार जोशी का गला काट दिया गया। पहचान छुपाने के इरादे से सिर को धड़ से अलग किया गया। हत्या के बाद धड़ को रेलवे लाइन पर फेंक दिया गया। वहीं सिर को ग्राम डिग्गी में गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया गया।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कार, धारदार तलवार, मोबाइल फोन और अन्य अहम सबूत जब्त किए हैं। इस अंधेक़त्ल का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक द्वारा इनाम देने की घोषणा की गई है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। रिश्तों की आड़ में रची गई इस खौफनाक साजिश ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराध कितना भी योजनाबद्ध क्यों न हो, कानून से बच नहीं सकता। कानून के हाथ लंबे हैं… और सच आखिरकार सामने आता ही है।




































