BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। बिलासपुर के खमतराई स्थित प्राथमिक शाला में आवारा कुत्तों द्वारा एक छात्र और उन्हें बचाने आई दो शिक्षिकाओं को बुरी तरह काटने की घटना पर माननीय उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया है।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर शुरू हुई इस सुनवाई में कोर्ट ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है।

अधिकारियों पर गिरेगी गाज
हाई कोर्ट ने इस मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से शपथ पत्र (Affidavit) दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सवाल किया है कि आखिर स्कूलों में इस तरह की असुरक्षा की स्थितियां क्यों बन रही हैं? इसके साथ ही मुख्य सचिव को भी पिछली सुनवाई के आदेशों के पालन के संबंध में नया शपथ पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है।
क्या था मामला?
बीते दिनों बिलासपुर के खमतराई प्राथमिक शाला परिसर में कुछ आवारा कुत्ते घुस आए थे। कुत्तों ने पहले वहां खेल रहे एक छात्र पर हमला कर उसे घायल कर दिया। जब उसे बचाने के लिए दो शिक्षिकाएं आगे आईं, तो कुत्तों ने उन्हें भी अपना शिकार बनाया और बुरी तरह काट लिया। इस घटना के बाद से ही अभिभावकों में भारी आक्रोश और डर का माहौल था।

कोर्ट ने इस जनहित याचिका (PIL) पर अगली सुनवाई के लिए 9 जनवरी की तिथि तय की है। अब शासन और प्रशासन को कोर्ट में यह बताना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों की बाउंड्री वॉल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कैसे किए जाएंगे।




































