RAIPUR NEWS. शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की रिहाई हो गई है। कल हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज उन्हे जेल से रिहा कर दिया गया है। इस दौरान जेल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी भीड़ देखने को मिली।

दरअसल, कल ही कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुना दिया था लेकिन यह जानकारी सामने नहीं आयी थी कि किन शर्तों पर चैतन्य बघेल को रिहा किया जा रहा है। तो हम आपको बता दें कि चैतन्य बघेल को कई शर्तों के आधार पर रिहाई मिलेगी। पहली शर्त यह है कि उन्हें अपना पासपोर्ट ट्रायल कोर्ट को सौंपना पड़ेगा। इसी के साथ अन्य शर्तों में केस से जुड़े किसी व्यक्ति को प्रलोभन या धमकी नहीं देंगे। साथ ही अगर मोबाइल नंबर या घर का पता बदला तो कोर्ट को बताना पड़ेगा।

इसके पहले आज चैतन्य बघेल की रिहाई का आर्डर जेल पहुंच चुका था। डीजे कोर्ट से आर्डर लेकर वकीलों की एक टीम जेल पहुंची थी। इसके थोड़ी देर बाद ही चैतन्य बघेल जेल से बाहर आ गए।

मंत्री रामविचार नेताम ने उठाए सवाल
इधर चैतन्य बघेल के जमानत पर सत्यमेव जयते के पोस्टर लगाए गए हैं। इस पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कवासी लखमा तो कब से जेल में बंद हैं, कवासी लखमा के लिए कभी क्यों पोस्टर नहीं लगा? कांग्रेस में परिवारवाद को लॉन्च कर बढ़ाया जाता है। कांग्रेस की विचारधारा ही परिवारवाद है। राम विचार नेताम ने कहा कि गिरफ्तारी तथ्यों और बयानों के आधार पर होती है।

जुलाई 2025 से चैतन्य बघेल जेल में हैं बंद
आपको दें कि बीते जुलाई 2025 से चैतन्य बघेल जेल में हैं। करीब 6 महीने बाद उन्हे शर्तों के आधार पर कोर्ट ने जमानत दी है। जिसके बाद से ही कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता इसे सत्य की जीत बता रहे हैं। जबकि ईडी ने शराब घोटाले में चैतन्य बघेल और कवासी लखमा को राजनीतिक एजेंट बताया है। बीते दिनों ईडी ने शराब घोटाले के मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल की है, इस घोटाले में अब तक 80 से अधिक लोगों को दोषी ठहराया गया है।




































