RAJNANDGAON NEWS. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में रिश्ते जोड़ने के नाम पर ठगी का बड़ा नेटवर्क सामने आया है, जहां लव लाइफ रिश्ते नाम से चल रहे एक फर्जी मैरिज ब्यूरो के जरिए युवकों और उनके परिवारों को निशाना बनाया जा रहा था। यह गिरोह इंटरनेट से युवतियों की तस्वीरें डाउनलोड कर फर्जी पहचान बनाता और शादी का भरोसा दिलाकर रकम ऐंठता था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है।

इस मामले की शुरुआत एक गुमनाम शिकायत से हुई, जो पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा तक पहुंची। संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्होंने तत्काल जांच के निर्देश दिए। जांच में जब आरोपों की पुष्टि हुई, तब बसंतपुर थाना क्षेत्र में दबिश देकर फर्जी मैरिज ब्यूरो का संचालन कर रहे गिरोह को पकड़ लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट से युवतियों की तस्वीरें डाउनलोड कर उनकी फर्जी प्रोफाइल तैयार करते थे।

इन प्रोफाइल को व्हाट्सएप के जरिए युवकों को भेजा जाता था और फिर बातचीत के जरिए भरोसा बनाकर रजिस्ट्रेशन, प्रीमियम पैकेज और फैमिली मीटिंग के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। बैंक खातों की जांच में पिछले एक साल में करीब 37 लाख 69 हजार रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 7 एंड्रॉइड मोबाइल, 14 कीपैड मोबाइल और 9 रजिस्टर जब्त किए।

मोबाइल की जांच में 2286 युवतियों की तस्वीरें मिलीं, जो अलग-अलग प्लेटफॉर्म से डाउनलोड की गई थीं और जिनका उपयोग फर्जी पहचान बनाकर ठगी के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में नेहा पाठक (23), निवासी लेबर कॉलोनी, राजनांदगांव और धर्मेन्द्र मानिकपुरी (32), मूल निवासी कबीरधाम, हाल निवासी बसंतपुर को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन (आईपीएस) के निर्देशन में की गई, जिसमें थाना प्रभारी एमन साहू और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन मैरिज ब्यूरो या सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाले विवाह प्रस्तावों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी पुलिस थाना को दें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।




































