RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का सोमवार को दोबारा शुरू होते ही सदन का माहौल काफी गरम हो गया। दुर्ग जिले के समोदा गांव में सामने आए अफीम की खेती के मामले को लेकर विपक्षी कांग्रेस ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। विपक्ष ने इस विषय पर चर्चा कराने के लिए स्थगन प्रस्ताव लाने की मांग की, लेकिन आसंदी द्वारा इसे स्वीकार नहीं किए जाने पर कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान विपक्ष के आरोपों पर सरकार ने जवाब भी दिए।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस सदस्य नारेबाजी करते हुए आसंदी की ओर बढ़ गए। विरोध के दौरान कई विधायक वेल में पहुंच गए और सदन की कार्यवाही बाधित होती रही। स्थिति लगातार बिगड़ती देख विधानसभा अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाते हुए कांग्रेस के 29 विधायकों को सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।

मामले को उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि राज्य में अफीम की अवैध खेती को लेकर गंभीर साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अफीम का केंद्र बनाने की कोशिश हो रही है और इसमें शामिल लोगों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मामले में पर्याप्त सबूत होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई कमजोर दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी, जो भाजपा से जुड़ा बताया जा रहा है, उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस विधायकों ने पूरे प्रदेश के फार्महाउसों की जांच कराने की मांग भी उठाई।

विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए राज्य के गृहमंत्री ने कहा कि समोदा में सामने आए अफीम खेती के मामले को सरकार गंभीरता से ले रही है। पुलिस को सूचना मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

गृहमंत्री के अनुसार, आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े वित्तीय स्रोतों तथा लेनदेन की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। सरकार ने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


































