NEW DELHI NEWS. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संभावित युद्ध के खतरे के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने संसद में देश की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने देशवासियों को आगाह करते हुए कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर लंबे समय तक रह सकता है, इसलिए भारत को पहले से सतर्क और तैयार रहने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने COVID-19 के दौरान बड़ी चुनौतियों का सामना किया था और अब एक बार फिर उसी तरह की तैयारियां बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट का प्रभाव देश पर कम से कम पड़े।

ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा पर जोर
पीएम मोदी ने बताया कि भारत वर्तमान में 41 देशों से ऊर्जा का आयात करता है और आपात स्थिति से निपटने के लिए 53 लाख मीट्रिक टन रणनीतिक ईंधन का भंडारण किया गया है। पिछले 11 वर्षों में देश की रिफाइनिंग क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में फंसे कई भारतीय जहाज सुरक्षित देश पहुंच चुके हैं और एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम साबित होगा।

रेलवे विद्युतीकरण और इलेक्ट्रिक परिवहन का लाभ
प्रधानमंत्री ने परिवहन क्षेत्र में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए बताया कि रेलवे के तेजी से हुए विद्युतीकरण का फायदा अब देश को मिल रहा है। वर्ष 2014 में जहां मेट्रो नेटवर्क 250 किलोमीटर से भी कम था, वहीं अब यह बढ़कर 1100 किलोमीटर से अधिक हो गया है। साथ ही देशभर में 15 हजार इलेक्ट्रिक बसें चलाने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे ईंधन पर निर्भरता कम होगी।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर युद्ध का असर
पीएम मोदी ने कहा कि इस संभावित युद्ध का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, लेकिन भारत पर इसका प्रभाव कम हो, इसके लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। विभिन्न मंत्रालयों और उद्योगों के साथ समन्वय बनाकर आयात-निर्यात और सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
कृषि और उर्वरक की पर्याप्त व्यवस्था
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र की तैयारियों का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में खाद और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। पिछले एक दशक में छह नए यूरिया प्लांट स्थापित किए गए हैं और डीएपी व एनपीके उर्वरकों का उत्पादन बढ़ाया गया है। इसके साथ ही किसानों को ‘मेड इन इंडिया’ नैनो यूरिया का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए पावर प्लांट्स में पर्याप्त कोयला भंडार रखा गया है, ताकि देश में बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।



































