NEW DELHI NEWS. मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच उत्तर कोरिया ने 14 मार्च को एक संदिग्ध बैलिस्टिक प्रोजेक्टाइल दाग दिया। इस कदम को वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भी तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। जापान कोस्ट गार्ड के मुताबिक उत्तर कोरिया द्वारा दागा गया संदिग्ध बैलिस्टिक प्रोजेक्टाइल समुद्र में गिर गया।

जापान के सार्वजनिक प्रसारक एनएचके ने रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि यह प्रोजेक्टाइल देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्री क्षेत्र में गिरा। यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच 9 से 19 मार्च तक वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन अभ्यासों का विरोध करता रहा है और इन्हें अपने खिलाफ युद्ध की तैयारी बताता है।

हाल ही में प्योंगयांग से जारी बयान में उत्तर कोरिया ने ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की थी और इसे अमेरिका का बेशर्म कदम बताया था। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में बैलिस्टिक प्रोजेक्टाइल परीक्षण करना एक तरह से अमेरिका और उसके सहयोगियों को रणनीतिक संदेश भी माना जा सकता है।

उत्तर कोरिया पहले भी अमेरिका से उसे परमाणु शक्ति संपन्न देश के रूप में मान्यता देने की मांग करता रहा है। हाल ही में वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की बैठक में भी देश की परमाणु नीति और सुरक्षा रणनीति पर चर्चा की गई थी।

वैश्विक तनाव और बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि एक तरफ मध्य-पूर्व में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर कोरिया के इस तरह के परीक्षण एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भी सुरक्षा चिंताओं को गहरा सकते हैं। इससे वैश्विक स्तर पर सैन्य और कूटनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।


































