NEW DELHI NEWS. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के पांचवें दिन हिंद महासागर से बड़ी खबर सामने आई है। श्रीलंका सरकार के अनुसार, अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत Islamic Republic of Iran Navy के जहाज IRIS Dena को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया। इस हमले में अब तक 80 ईरानी नौसैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की गई है, जबकि 32 घायल सैनिकों को श्रीलंकाई नौसेना ने बचाकर अस्पताल पहुंचाया है।

बताया गया कि यह युद्धपोत भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था। बुधवार सुबह करीब 6 से 7 बजे (भारतीय समयानुसार) जहाज की ओर से मदद का संदेश भेजा गया। उस समय पोत श्रीलंका के दक्षिणी शहर गाले से लगभग 40 समुद्री मील दूर था। जहाज पर कुल 180 के आसपास नौसैनिक सवार थे। कई लोगों के लापता होने की सूचना है और समुद्र में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने कहा कि हिंद महासागर में तैनात अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को निशाना बनाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना ने उस ईरानी यूनिट के लीडर को मार गिराया है, जिस पर पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की हत्या की साजिश रचने का आरोप था। हालांकि, संबंधित व्यक्ति का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया।

हेगसेथ के मुताबिक जिस यूनिट ने ट्रम्प की हत्या की कोशिश की थी, उसके नेता को ढूंढकर मार गिराया गया है। ईरान ने जनवरी 2025 में इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उसने ट्रम्प के खिलाफ कोई साजिश नहीं रची। इससे पहले नवंबर 2024 में अमेरिकी न्याय विभाग ने एक ईरानी नागरिक पर हत्या की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। यह दावा किया गया था कि यह साजिश Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) से जुड़ी थी।

हिंद महासागर में इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। श्रीलंका और आसपास के देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।



































