WAHINGTON NEWS. मध्य-पूर्व में चल रही जंग अब और गंभीर होती जा रही है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष का बुधवार को 12वां दिन है। इस बीच युद्ध से जुड़े नए आंकड़े सामने आए हैं, जिनमें दोनों पक्षों को भारी नुकसान होने का दावा किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस संघर्ष में अब तक 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, जबकि 7 सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है। दूसरी ओर ईरान का कहना है कि उसके देश में हुए हमलों में 1300 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और करीब 8000 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।

United Nations में ईरान के राजदूत Amir Saeid Iravani ने दावा किया कि अब तक ईरान में करीब 9600 नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया है। उनके मुताबिक इन हमलों में घरों के अलावा बाजार, अस्पताल, मेडिकल सेंटर और स्कूल भी प्रभावित हुए हैं। ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने इजराइल के कई बड़े शहरों पर मिसाइल हमले किए हैं। इनमें Haifa, Jerusalem और Tel Aviv शामिल हैं।

हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। उधर इजराइल ने बीती रात ईरान और लेबनान में कई ठिकानों पर हमले किए। ईरान की राजधानी Tehran में Mehrabad International Airport के पास धमाकों की खबर है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक आसपास के इलाकों में भी नुकसान हुआ है।

इजराइल ने लेबनान की राजधानी Beirut के आइशा बक्कर इलाके में एक मल्टीस्टोरी रिहायशी इमारत को निशाना बनाया। इसके अलावा दहिया इलाके में भी हमले हुए, जिसे Hezbollah का गढ़ माना जाता है। फिलहाल इस हमले में हताहतों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu युद्ध शुरू होने के बाद से लगातार संपर्क में हैं और लगभग हर दिन बातचीत कर रहे हैं। हालांकि जंग खत्म करने की रणनीति को लेकर दोनों देशों के बीच अलग-अलग सोच सामने आ रही है। इजराइल का कहना है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमले रोक देता है तो वह भी बमबारी बंद करने पर विचार कर सकता है।



































