RAIPUR NEWS. मिडिल ईस्ट में इजरायल-ईरान संघर्ष लगातार उग्र होता जा रहा है और आज यह संघर्ष 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है। जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैन्य, कूटनीतिक और रणनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। ऑस्ट्रियाई हवाई युद्ध विश्लेषक टॉम कूपर ने अमेरिका और इजरायल के बीच किसी भी तरह के मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इजरायल को अमेरिका के बिना शर्त समर्थन पर पूरा भरोसा है। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच किसी ‘रिफ्ट’ की चर्चा बेबुनियाद है।

कूपर ने बेंजामिन नेतन्याहू के एक पुराने इंटरव्यू का जिक्र करते हुए कहा कि इजरायल का अमेरिकी राजनीति और समाज पर प्रभाव लंबे समय से स्थापित है। यही वजह है कि इजरायल को किसी बाहरी दबाव का डर नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि ईरान के खिलाफ इजरायल का आकलन पूरी तरह सही साबित नहीं हुआ। विशेष रूप से ईरान की मिसाइल और संभावित परमाणु क्षमताओं को कमजोर करने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी है। इसी कारण इजरायल अब अमेरिका से अधिक प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहा है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जापानी मीडिया को दिए बयान में कहा कि तेहरान, जापान से जुड़े जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति देने के लिए तैयार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की नाकाबंदी के बीच इस अहम समुद्री मार्ग पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए छह देशों ने संयुक्त प्रयास की इच्छा जताई है, जिनमें जापान भी शामिल है।

इस बीच ईरान ने डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे की दिशा में दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही विफल हो गई, जबकि दूसरी को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत ने इंटरसेप्टर मिसाइल दागी। हालांकि, उसे पूरी तरह निष्क्रिय किया गया या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
तेहरान विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर फाउड इजादी ने अमेरिका-इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई को गैरकानूनी करार दिया है। उनका दावा है कि इस संघर्ष में 2,000 से अधिक नागरिकों की मौत हुई, जिनमें 165 बच्चियां भी शामिल हैं। इजादी के मुताबिक, युद्ध के पहले दिन अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलों से एक स्कूल पर हमला किया गया था। उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद का कूटनीतिक समाधान संभव था, लेकिन इसे अनावश्यक रूप से सैन्य संघर्ष में बदल दिया गया।

ट्रंप का दावा: ईरानी नौसेना पूरी तरह तबाह
तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की नौसेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है। व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि ईरानी जहाज अब समुद्र की गहराइयों में समा चुके हैं।
अमेरिका कर रहा अभियान खत्म करने पर विचार
वहीं, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर संकेत दिया कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने सैन्य अभियान को समाप्त करने पर विचार कर रहा है। उनके अनुसार, अमेरिका अपने प्रमुख उद्देश्यों—ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर करना और उसके रक्षा ढांचे को नुकसान पहुंचाना—के काफी करीब पहुंच चुका है।



































