RAIPUR NEWS. राजधानी रायपुर में साइबर ठगी के एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मामले की शुरुआत मुजगहन थाना क्षेत्र के एक पीड़ित की शिकायत से हुई, जिसने खुद के साथ लाखों की ठगी होने की जानकारी दी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी नोएडा के गौर सिटी मॉल में कॉल सेंटर चलाकर देशभर के लोगों को निशाना बना रहे थे।

गिरोह के सदस्य खुद को बैंक या बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। भरोसा जीतने के लिए महिला आवाज का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम जमा करवाई जाती थी।

मुजगहन निवासी एक व्यक्ति से करीब 9.60 लाख रुपये की ठगी की गई। संदेह होने पर जब पीड़ित ने बैंक में दस्तावेजों की जांच कराई, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस ने दिल्ली में दबिश देकर गाजियाबाद निवासी अनिल कुमार, अजय तिवारी और रिंकू सिंह को गिरफ्तार किया। उनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कई महीनों से इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए देशभर में लोगों को ठग रहे थे। बीमा मैच्योरिटी और लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की बात सामने आई है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।


































