BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे काले कारनामों का पर्दाफाश हुआ है। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित आइवरी स्पा सेंटर में काम करने वाली अंबिकापुर की एक युवती ने संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि उसे नौकरी का झांसा देकर बुलाया गया और बाद में ग्राहकों के साथ स्पेशल सर्विस के लिए मजबूर किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, सत्यम चौक स्थित इस स्पा सेंटर का संचालन पूजा डेकाल संचालिका और नीरू तमंग मैनेजर द्वारा किया जा रहा था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि ये दोनों महिलाएं नेपाली मूल की हैं और यहां का आधार कार्ड बनवाकर रह रही थीं। इन्होंने फैमिली सैलून के नाम पर स्पा सेंटर खोला था।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि शुरुआत में उससे मसाज, थेरेपी और फेशियल जैसा सामान्य काम कराया गया। लेकिन कुछ समय बाद संचालिका उस पर ग्राहकों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने लगी। जब युवती ने इस गलत काम के लिए मना किया, तो उसकी पिछले 6 महीने की सैलरी रोक दी गई।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ग्राहकों से 2,000 से 3,000 रुपये तक वसूले जाते थे। युवती को इसमें से 1,000 से 1,500 रुपये देने का वादा किया जाता था, लेकिन उसे पैसे नहीं दिए जाते थे और अधिकांश रकम संचालिका और मैनेजर खुद रख लेते थे।

पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) निमितेश सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों आरोपी महिलाओं के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (PITA Act) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

शहर के अन्य स्पा सेंटर भी रडार पर
बिलासपुर पुलिस अब शहर में चल रहे अन्य स्पा सेंटरों की भी जांच करने की तैयारी कर रही है। पुलिस को संदेह है कि अन्य सेंटरों में भी महिलाओं का शोषण हो सकता है। पुलिस इस मामले के हर पहलू, विशेषकर आरोपियों के दस्तावेजों और पहचान पत्र की गहनता से जांच कर रही है।



































