BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत ढेका में सरकारी धन के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। 15वें वित्त आयोग सहित अन्य मदों की राशि में गंभीर वित्तीय अनियमितता और गबन की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पंचायत के पूर्व सरपंच, दो सचिवों और एक कोटवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

ग्रामीणों की शिकायत पर जिला पंचायत द्वारा जनपद पंचायत बिल्हा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति की विस्तृत जांच में पंचायत रिकॉर्ड, भुगतान दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए गए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कुल 24 लाख 70 हजार 530 रुपये की शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता और गबन मानते हुए दोषियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। पुलिस द्वारा नामजद आरोपियों में शामिल हैं दिनेश मौर्य – पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत ढेका, सचिन कौशिक – तत्कालीन पंचायत सचिव, भानू विश्वकर्मा – सचिव (घूमा/हरदीकला), कमल कश्यप – कोटवार।

BNS की धाराओं में FIR
जिला पंचायत के निर्देश पर जनपद पंचायत बिल्हा के सीईओ ने 19 फरवरी 2026 को तोरवा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316 अमानत में खयानत, धारा 318 धोखाधड़ी, धारा 344 एवं 3(5) षड्यंत्र व साझा मंशा के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

पंचायत क्षेत्र में मचा हड़कंप
मामले के उजागर होते ही पंचायत और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। तोरवा थाना पुलिस के अनुसार, दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच तेज कर दी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी और गबन की राशि की रिकवरी की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।





































