BILASPUR NEWS. न्यायधानी के सरकंडा थाना क्षेत्र के माता चौरा इलाके में एक बार फिर अवैध धर्मांतरण का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। ईसाई मिशनरियों द्वारा एक मकान में प्रार्थना सभा के नाम पर कथित तौर पर धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा था, जिसका खुलासा हिंदू संगठनों की सतर्कता से हुआ।

भगवा ब्रिगेड को सूचना मिली थी कि सरकंडा में विधायक निवास के समीप साहू समाज के कुछ लोगों द्वारा चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा है। ठाकुर राम सिंह के नेतृत्व में जब संगठन के लोग पुलिस और प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य हैरान करने वाला था। एक मकान के भीतर बड़ी संख्या में स्थानीय हिंदू महिलाएं और बच्चे मौजूद थे, जिनका इलाज कथित हॉली वॉटर (पवित्र जल) छिड़ककर किया जा रहा था।

पुलिस को देख भागे आयोजक
मौके पर 40 से अधिक हिंदू महिलाएं और बच्चे मौजूद पाए गए। पुलिस और हिंदू संगठनों की मौजूदगी देखते ही वहां भगदड़ मच गई। इस बीच, धर्मांतरण का प्रयास करने वाले मुख्य आयोजक मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। पुलिस अब इन संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश कर रही है।

IMA और व्यवस्था पर उठे सवाल
धर्मांतरण का विरोध कर रहे अभिषेक शर्मा ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो संस्था आयुर्वेद और बाबा रामदेव पर सवाल उठाती है, वह ‘हॉली वॉटर’ से किए जा रहे इस तरह के अंधविश्वास और कथित इलाज पर चुप क्यों है? ठाकुर राम सिंह ने भी तंज कसते हुए कहा कि अगर इस जल से इलाज संभव है, तो इसे सिम्स (CIMS) और जिला अस्पताल के मरीजों पर क्यों नहीं आजमाया जाता?

सख्त कानून की मांग
हिंदू संगठनों ने प्रदेश में अवैध मतांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून की कमी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जब तक कड़े प्रावधान नहीं होंगे, तब तक धन और इलाज का प्रलोभन देकर भोले-भाले लोगों को निशाना बनाया जाता रहेगा।




































