BILASPUR NEWS. नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में बिलासपुर पुलिस को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। थाना सिविल लाइन क्षेत्र के एनडीपीएस प्रकरण में विशेष न्यायालय ने नशे के सौदागर को 15 वर्ष के कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला अपराध क्रमांक 753/2023, धारा 21, 22 एनडीपीएस एक्ट से संबंधित है। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) किरण त्रिपाठी की अदालत ने आरोपी आकाश कुर्रे पिता छन्नू कुर्रे (23 वर्ष), निवासी मिनी बस्ती जरहा भाठा, को दोषी करार दिया।

मुखबिर सूचना से गिरफ्तारी तक
प्रकरण का खुलासा दिनांक 11 अगस्त 2023 को हुआ, जब तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान थाना सिविल लाइन में पदस्थ उप निरीक्षक अवधेश सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी जरहा भाठा मिनी बस्ती में कबाड़ी दुकान के पास नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री कर रहा है।

सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को मौके से पकड़ा। एनडीपीएस एक्ट के सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए नशीले इंजेक्शन की जब्ती की गई और आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय में पेश किया गया।

सशक्त विवेचना से मिली सजा
विवेचना पूर्ण कर दिनांक 07 नवंबर 2023 को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक सूर्यकांत शर्मा द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। साक्ष्य परीक्षण के बाद न्यायालय ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) के तहत दोषी पाते हुए 03 जनवरी 2026 को 15 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

विवेचक को मिला सम्मान
प्रकरण में उत्कृष्ट विवेचना एवं सशक्त कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (IPS) द्वारा उप निरीक्षक अवधेश सिंह को पुरस्कृत किया गया है।
यह फैसला नशे के कारोबार में लिप्त तत्वों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।




































