BILASPUR NEWS. आयकर विभाग (IT) ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रसिद्ध सड़क ठेकेदार और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और मध्य प्रदेश के इंदौर में एक साथ सुबह-सुबह शुरू हुई।

जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की एक टीम बिलासपुर स्थित पाराघाट टोल प्लाजा के दफ्तर पहुंची। अधिकारी यहाँ तीन अलग-अलग वाहनों में सवार होकर आए थे। टीम ने आते ही दफ्तर को अपने घेरे में ले लिया और दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी। टोल प्लाजा के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
इंदौर में डायरेक्टर के घर और ऑफिस पर जांच
कार्रवाई का दूसरा केंद्र इंदौर रहा, जहाँ कंपनी का मुख्य मुख्यालय है। यहाँ सपना-संगीता रोड स्थित कंपनी के कार्यालय और कंपनी के डायरेक्टर के निजी निवास पर भी टीम मौजूद है। सूत्रों के मुताबिक, विभाग को कंपनी के कामकाज में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और टैक्स चोरी की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह ‘सर्च’ ऑपरेशन शुरू किया गया।

जांच के दायरे में डिजिटल डेटा और लेनदेन
आयकर अधिकारियों का मुख्य फोकस कंपनी के पिछले कुछ वर्षों के लेनदेन, बड़े प्रोजेक्ट्स के टेंडर और खर्चों के मिलान पर है। टीम विशेष रूप से डिजिटल डेटा, हार्ड डिस्क और बैंक खातों के विवरण खंगाल रही है ताकि टैक्स में गड़बड़ी के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।
क्या है कंपनी का प्रोफाइल?
बी.आर. गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड मध्य भारत की एक बड़ी निर्माण कंपनी है। 1986 में हुई, 2005 में प्राइवेट लिमिटेड और बाद में पब्लिक लिमिटेड बनी। सड़क, राजमार्ग, पुल निर्माण, टोल प्लाजा संचालन और रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) की आपूर्ति। कंपनी के पास 600 से अधिक कर्मचारी हैं और इसने देशभर में 100 से अधिक बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं।

दिसंबर में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में पिछले एक महीने से आयकर विभाग काफी सक्रिय है। इससे पहले 4 दिसंबर 2025 को आयरन-स्टील कारोबारियों के 45 ठिकानों पर रेड पड़ी थी, जिसमें 300 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी का अनुमान लगाया गया था। अब बी.आर. गोयल ग्रुप पर हुई इस कार्रवाई से प्रदेश के अन्य बड़े ठेकेदारों और कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।



































