BILASPUR NEWS. प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले तीन सदस्यीय गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपी पीड़ितों को ढाई लाख रुपए या उससे अधिक की राशि मिलने का भरोसा देते थे और इसके बदले जमानत के नाम पर सोने-चांदी के जेवरात उतरवाकर फरार हो जाते थे।
यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2.56 लाख रुपए मूल्य के जेवरात, 4500 रुपए नकद और एक बाइक (CG-10-BY-9201) जब्त की है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे लोग थे निशाने पर
टीआई सुमंत साहू ने बताया कि गिरोह खासतौर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी प्रधानमंत्री आवास या इंदिरा आवास योजना के तहत बड़ी राशि मिलने का झांसा देते थे। वे पीड़ितों को बैंक या तहसील कार्यालय ले जाकर बाहर खड़ा रहने को कहते और खुद अंदर जाकर प्रक्रिया पूरी करने का नाटक करते थे। कुछ देर बाद लौटकर बताते कि राशि मंजूर हो गई है, लेकिन इसके लिए जमानत के तौर पर गहने जमा करने होंगे। इसी बहाने वे जेवरात लेकर फरार हो जाते थे।

जेवरात, नकद राशि और बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 4500 रुपए नकद, 2.56 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और एक बाइक बरामद की है। पूछताछ में सामने आया कि बरामद जेवरात गनियारी निवासी कन्हैया सोनी के पास गिरवी रखे गए थे।

सीसीटीवी फुटेज से खुला ठगी का राज
पीएम आवास योजना के नाम पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने जांच शुरू की। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें हर घटना में दो आरोपी एक ही बाइक से आते-जाते नजर आए।

पूछताछ में अपराध कबूल
सीसीटीवी फुटेज और पीड़ितों के बयानों के आधार पर पोड़ी सकरी निवासी रामप्रसाद यादव (65), तखतपुर ढनढन निवासी जितेंद्र यादव (38) और तखतपुर सोनी मोहल्ला निवासी कन्हैया सोनी (45) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने उषा साहू, आगमदास टंडन और शांति बाई यादव समेत अन्य लोगों से ठगी करना स्वीकार किया।




































