BILASPUR NEWS. शहर में बच्चों और युवाओं को नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित गोलियों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में नशीली दवाओं का जखीरा बरामद हुआ है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि जूना बिलासपुर क्षेत्र में एक व्यक्ति नाबालिग बच्चों को नशीले इंजेक्शन देकर उन्हें नशे की लत लगा रहा है। घेराबंदी कर पुलिस ने अमन विश्वकर्मा उर्फ टेंगा (25 वर्ष) को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से 400 नग एविल इंजेक्शन की शीशियां। बुप्रिनोर्फिन और नालोक्सोन की टैबलेट्स। नशीली दवाओं की खाली शीशियां, सिरिंज और नगद राशि।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस की दबिश के दौरान मौके से कुछ नाबालिग बच्चे भाग निकले, जिन्हें आरोपी नशे का इंजेक्शन लगाने की फिराक में था। आरोपी के खिलाफ धारा 77 जेजे एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एक अन्य मामले में गांधी चौक स्थित मिनी स्टेडियम के पास पुलिस ने प्रिंस बोले (20 वर्ष) को संदिग्ध हालत में पकड़ा। उसके पास से नाइट्राजेपाम (Nitrazepam) की 9 स्ट्रिप (कुल 90 टैबलेट) बरामद हुईं। आरोपी इन गोलियों की बिक्री के लिए कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। उस पर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

सप्लाई चेन की जांच जारी
सीएसपी कोतवाली गगन कुमार और टीआई देवेश सिंह ने बताया कि पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं बिलासपुर में कहाँ से लाई जा रही थीं और इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।
कोतवाली पुलिस ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति बच्चों के आसपास दिखे या नशे से जुड़ी जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।




































