JAGDALPUR NEWS. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के केके रेललाइन पर कोरापुट के बाहरी इलाके में एक मालगाड़ी के दो डब्बे पटरी से उतर गए, जिससे रेल परिचालन में अस्थायी हड़कंप की स्थिति बनी। हालांकि रेलवे विभाग ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया और ट्रैक को पुनः चालू कर दिया है, जिससे रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ। हालांकि इससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।

घटनास्थल के अनुसार, लौह अयस्क से लदी मालगाड़ी किरंदुल से विशाखापट्टनम की ओर जा रही थी, जब कोरापुट के आउटर सिग्नल के पास चलती हुई ट्रेन के तीसरे इंजन के बाद के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। रेल विभाग की टीम और एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) तुरंत मौके पर तैनात कर दी गई और रात के समय ही पटरी पर डिब्बों को वापस चढ़ाने का कार्य पूरा कर लिया गया।

रेल प्रभारियों ने बताया कि जिस स्थान पर डिब्बे पटरी से उतरे, वह एक अतिरिक्त लाइन (साइड लाइन) थी, जिसके कारण मुख्य मार्ग पर रेल परिचालन प्रभावित नहीं हुआ और अन्य ट्रेनों का आवागमन सामान्य रूप से जारी रहा। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर दुर्घटना नहीं हुई है।

तकनीकी कर्मियों ने मौके पर जांच के बाद रेल पटरियों की स्थिति को सुदृढ़ किया और रेल नेटवर्क को शीघ्र बहाल किया। रेलवे प्रशासन फिलहाल डीरेलमेंट के कारणों की जांच कर रहा है और आवश्यक सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
28 मई 2025 : केके रेललाइन के चिमड़ीपल्ली के पास एक सुरंग में मालगाड़ी के 37 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिससे ट्रेन सेवाएं बाधित हुई थीं और राहत कार्य किया गया था।
02-04 जुलाई 2025: कोरापुट-किरंदुल रेलखंड पर भारी बारिश की वजह से मल्लीगुड़ा-जराती सेक्शन में भूस्खलन हुआ, जिसके कारण रेल पटरी बाधित हुई और यात्री ट्रेनों की सेवाएं रद्द/आंशिक रूप से प्रभावित हुई थीं — हालांकि यह सीधे डीरेल नहीं था, पर प्रमुख परिचालन बाधा थी।
अक्टूबर-सितंबर 2023 : कोरापुट रेलखंड में पहाड़ दरकने के बाद रेल लाइन बाधित थी और उसके ठीक होने के 16 दिनों के भीतर किरंदुल रेलखंड पर एक मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतर गया था।




































