DHAMTARI NEWS. धमतरी में आज किसानों का गुस्सा खुलकर सड़कों पर नजर आया। धान खरीदी व्यवस्था में अचानक हुए बदलाव के विरोध में किसान बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था बंद कर ऑफलाइन टोकन लागू किए जाने से वे परेशान हो चुके हैं। अब सवाल ये है कि क्या प्रशासन किसानों की नाराज़गी को गंभीरता से लेगा? या फिर दबाव की यह प्रक्रिया यूं ही जारी रहेगी।

राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी किसानों के लिए राहत का जरिया है, लेकिन धमतरी में यही व्यवस्था अब किसानों के लिए परेशानी की वजह बन गई है। दरअसल धमतरी जिले में धान खरीदी के लिए पहले ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू थी। जिसके तहत किसान तय तारीख पर अपनी उपज बेच पा रहे थे, लेकिन 15 जनवरी के बाद ऑनलाइन टोकन बंद कर 15 दिनों के लिए ऑफलाइन टोकन व्यवस्था लागू कर दी गई है।

इसे लेकर किसानों का कहना है कि ऑफलाइन टोकन के चलते उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। धान बेचने में देरी हो रही है और आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि वे पहले ही प्रशासन को सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर चुके हैं, इसके बावजूद बार-बार जांच कर उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।

किसानों का कहना है कि उन्हें बेवजह संदेह के घेरे में रखा जा रहा है और इसी कारण उनकी नाराज़गी अब खुलकर सामने आ रही है। इसी बात को लेकर किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया है। अब देखना ये होगा कि क्या प्रशासन किसानों की इस नाराज़गी को गंभीरता से लेता है या फिर ऑफलाइन टोकन के नाम पर किसानों पर दबाव का यह सिलसिला जारी रहेगा।


































