RAIPUR NEWS. RSS सरसंघचालक मोहन भागवत आज रायपुर के अभनपुर इलाके में स्थित सोनपैरी गांव में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए । सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि संघ के स्थापना को 100 साल पूरे हुए हैं । हमने इस मौके पर उत्सव मनाने की बजाय समाज में जाने का निर्णय लिया ।

उन्होंने कहा चर्चा संकट की नहीं उसकी उपाय की होनी चाहिए । जीवन में पांच बातों का अक्सर ध्यान रखना चाहिए, सबको अपना मानो, अपनों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय गुजारो, देश और समाज के लिए भी धन और समय दो, ज्यादा से ज्यादा अपनी भाषा का प्रयोग करो, स्वावलंबी बनो और संविधान का पालन करो ।
उन्होंने कहा कि हम सभी हिंदुओं को एक मानते हैं । जात,पात न देखें सभी के सुख दुख में शामिल होए । भारत देश हिन्दुओं का देश है। यह बात ध्यान दें कि आप देश और समाज पर कितना ध्यान देते हैं । मैं,मेरा,मेरा परिवार यह सब देश से है हमें इसका ध्यान रखना चाहिए । उन्होंने पर्यावरण को संरक्षित रखने की बात कही । उन्होंने कहा कि मातृ भाषा हमें जरूर सीखना है । भाषा, भोजन, भूशा और भजन अपना होना चाहिए़ ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संत असंग देव और विशेष अतिथि रूप में गायत्री परिवार की उर्मिला नेताम शामिल हुई । उर्मिला नेताम ने कहा कि वर्तमान में बच्चों को अच्छा संस्कार नहीं मिल रहा है उन्हें अच्छा संस्कार देने की जरूरत है, नशे की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, उन्होंने गीत के रूप में संदेश देते हुए कहा कि नारियां अगर जाग जाए तो देश बदल जाएगा ।

मुख्यअतिथि असंग देव ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं सेवक संघ आपको स्वयं की सेवा करना सीखना है, हमें संगठित होकर रहना चाहिए । संस्कार नहीं मिलने की वजह से देवताओं से भी अच्छा जीवन मनुष्य का मिलने के बावजूद भी लोग हैवान की तरह जी रहे हैं । उन्होंने कहा कि संगत बहुत महत्वपूर्ण होता है, अनुशासन के बगैर परिवार टूट जाता है देश नष्ट हो जाता है । हमें आपस में बंट कर नहीं सट कर रहना होगा।

RSS की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर रायपुर में ये हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया । इसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू,कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मंत्री विधायक भाजपा के नेता,आरएसएस और हिंदू संगठन के पदाधिकारी और लोग शामिल हुए ।




































