BILASPUR NEWS. वन संपदा की अवैध कटाई और कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बिलासपुर वन मंडल के उड़नदस्ता दल ने शहर की आरा मिलों में औचक जांच की। इस दौरान शनिचरी बाजार मछली मार्केट के पीछे स्थित गुरुनानक सॉ मिल में भारी अनियमितताएं सामने आने पर सॉ मिल को सील कर दिया गया। कार्रवाई में यहां से प्रतिबंधित टर्मिलेनिया (अर्जुन) प्रजाति की लकड़ी के 27 गोला और 42 चिरान बरामद किए गए।

वन विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान आरा मिल की गहन तलाशी ली, जहां बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित टर्मिलेनिया चिरान और गोला पाए गए जब टीम ने मौके पर मौजूद स्टाफ से लकड़ी से संबंधित वैध दस्तावेज और स्रोत की जानकारी मांगी, तो कोई भी कागजात प्रस्तुत नहीं किए जा सके। पूछताछ के दौरान भी लकड़ी की वैधता और स्रोत को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
वन विभाग के अनुसार, बिना किसी वैध अनुमति के इमारती लकड़ियों की कटाई और चिरान का कार्य किया जा रहा था। मामले में जब्त लकड़ी को कब्जे में लेते हुए वन अधिनियम एवं छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक सॉ मिल सील रहेगी।

दरअसल, वन विभाग को पिछले कुछ महीनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शहर की कुछ आरा मिलों में अवैध रूप से इमारती लकड़ी की खरीद-फरोख्त कर चिरान और सिलपट तैयार किए जा रहे हैं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रेंज अफसर शुभम मिश्रा के निर्देश पर उड़नदस्ता दल को शहर की सभी आरा मिलों की अचानक जांच के आदेश दिए गए थे।

उड़नदस्ता प्रभारी, डिप्टी रेंजर एवं फॉरेस्ट गार्ड की मौजूदगी में की गई इस कार्रवाई से लकड़ी माफियाओं में हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी अन्य आरा मिलों की जांच और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





































