SUKMA NEWS. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस और सुरक्षा बलों की रणनीति के आगे नक्सलियों का नेटवर्क तेजी से बिखरता दिखाई दे रहा है।

हाल ही में कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा के मारे जाने के बाद नक्सली संगठन में भारी दबाव और असंतोष की स्थिति बन गई है। इसी कड़ी में आज 48 लाख रुपए के इनामी 15 सक्रिय नक्सलियों ने सुकमा एसपी और CRPF अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें कई बड़े रैंक वाले नक्सली शामिल बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से क्षेत्र में हिंसक वारदातों में शामिल थे।

पुलिस अधिकारियों ने किए कई बड़े खुलासे
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सरेंडर करने वाले सभी नक्सली दक्षिण बस्तर में सक्रिय थे और कई हमलों, बारूदी विस्फोटों और पुलिस पार्टी पर फायरिंग की घटनाओं में शामिल रहे हैं। हिड़मा के खात्मे के बाद संगठन में नेतृत्व का भारी संकट खड़ा हो गया है, जिसके चलते कई कैडर अब सुरक्षा बलों का सामना करने में सक्षम महसूस नहीं कर रहे। दरअसल CRPF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने नक्सलियों पर लगातार दबाव बढ़ाया है, जिसकी वजह से ये कैडर भी आत्मसमर्पण के लिए आगे आए।

जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता दी जाएगी, साथ ही उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ा जाएगा।

बता दें कि इसके पहले बीते दिन नक्सलियों का एक ऑडियो वायरल हो रहा था। जिसमें उन्होंने तीन राज्यों की सरकार से 15 फरवरी तक का वक्त मांगा था और इस दौरान एनकाउंटर रोकने की अपील की थी । वायरल ऑडियो में दो लोगों की बातचीत में यह बातें निकलकर आई थी कि ज्यादातर नक्सली सरकार की पुनर्वास नीति में शामिल होना चाहते हैं लेकिन उन्हें सभी लोगों को एकजुट करने के लिए मौका चाहिए। यह ऑडियो स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य अनंत का बताया जा रहा था।




































