SONBHADRA NEWS. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा थाना क्षेत्र में शनिवार को पत्थर की खदान में बड़ा हादसा हो गया। अचानक पहाड़ी धंसने से कई मजदूर और एक कंप्रेसर ऑपरेटर मलबे में दब गए। मौके पर करीब 15 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक एक शव बरामद किया गया है, जबकि बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

मजदूरों को बचाने की कोशिशें जारी
हादसे की खबर मिलते ही एसडीएम, पुलिस कप्तान और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव का काम शुरू कर दिया। मलबा भारी और ऊंचाई से गिरा होने के कारण रेस्क्यू करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। पुलिस ने बचाव कार्य में जुटी कई एजेंसियों से मदद ली है। मिर्जापुर से SDRF की टीम भी घटना स्थल पर पहुंच चुकी है।

जिलाधिकारी बोले- लापरवाही जांच का विषय
जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि पिछड़ा माइंस क्षेत्र में दीवार जैसी संरचना गिरने की सूचना मिली है। इस हादसे के चलते कुछ लोग मलबे में दबे हो सकते हैं। सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं।

राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़ ने जताया दुख
उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़ ने इस घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती के दिन लापरवाही के कारण इतना बड़ा हादसा हुआ। हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मुआवजा दिलवाया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि आज खदानों में काम बंद होने की सूचना थी। मगर, फिर भी काम चल रहा था, जिसकी जांच की जाएगी।

हादसे की वजह और स्थिति का जायजा
घटना लगभग दोपहर तीन बजे हुई, लेकिन बचाव कार्य में देरी हुई। प्रारंभिक जानकारी में लगभग बारह लोग काम कर रहे थे। मलबा हटाने के बाद ही सही संख्या सामने आएगी कि कितने लोग दबे हैं और किसकी लापरवाही इस हादसे का कारण बनी है।




































