KANPUR NEWS. कानपुर में साइबर ठगों ने शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर दो डॉक्टरों और एक पैथोलॉजी मैनेजर की पांच करोड़ रुपये की ठगी की। ठगों ने एक नामी कंपनी का फर्जी एप डाउनलोड करवाकर वारदात को अंजाम दिया, जिसकी शिकायत पीड़ितों ने साइबर क्राइम पुलिस में दर्ज कराई है।

ठगी की ठोस योजना
पीड़ित डॉक्टर्स में से एक ने बताया कि तीन सितंबर को उन्हें सेबी की तरफ से कॉल आई, जिसमें शेयर मार्केट में 10-15% कम दाम पर शेयर और आईपीओ दिलाने का वादा किया गया। इसके बाद वाट्सएप पर ‘लंच क्लब एच49’ नामक ग्रुप में जोड़ा गया।
वहां से शेयर से जुड़ी टिप्स मिलती रहीं। बाद में एक लिंक भेजकर ‘वेंचुरा ट्रेडिंग एप’ डाउनलोड करवाया गया, जिसमें करीब डेढ़ माह में लगभग 3.3 करोड़ रुपये निवेश किए गए।

फर्जी गिरफ्तारी ने खोली ठगी की पोल
11 नवंबर को बताया गया कि वेंचुरा एप का संचालक आर. अमरनाथ को इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और उन पर 100 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही इस एप पर भी 20% जुर्माना लगा है और ट्रेडिंग खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। इसी घटना के बाद ठगी का पता चला और दो करोड़ से ज्यादा रुपये गंवा दिए गए।

पैथोलॉजी मैनेजर और परिचित डॉक्टर से भी बड़ी ठगी
ठगी का शिकार सिर्फ एक ही नहीं, बल्कि उनके साथ काम करने वाले पैथोलॉजी के टेक्निकल मैनेजर से भी अक्टूबर से 1.37 करोड़ की ठगी हुई है। इसके अलावा, तिलक नगर निवासी एक परिचित डॉक्टर से भी करीब एक करोड़ रुपए की शोषण की गई।

बैंक और पुलिस की जांच जारी
तीनों ठगी के मामलों में पीड़ितों के खातों की डिटेल पुलिस एवं बैंक अधिकारियों के द्वारा निकाली जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जब पीड़ितों ने खातों से ज्यादा रकम निकाली, तब बैंक ने उन्हें अतिरिक्त निवेश से बचने की चेतावनी दी थी, लेकिन लालच में वे ठगे गए।
































