HAPUR NEWS. उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक अजीब मामला सामने आया है, जिसे सुनकर या पढ़कर आप चौंक जाएंगे। गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट पर चार युवक हरियाणा नंबर की कार में एक शव लेकर गंगा घाट पहुंचे और अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुट गए। लेकिन, जैसे ही कफन हटाया गया, तो लोग हक्के बक्के रह गए। बताया गया कि बीमा की राशि हड़पने के लिए शव की जगह एक प्लास्टिक का डमी पुतले का अंतिम संस्कार करने की तैयारी में थे।

दरअसल, स्थानीय लोगों और गढ़ नगर पालिका के कर्मचारियों को यह सब देखकर संदेह हुआ। वहां मौजूद लोगों ने दो युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि बाकी दो मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक अंतिम संस्कार के धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किए बिना जल्दबाजी में पुतले को जलाने की कोशिश कर रहे थे। चारों युवक शव के साथ आए थे, लेकिन जैसे ही कफन हटाया गया, सभी के होश उड़ गए. यह किसी धोखाधड़ी या क्राइम की साजिश लग रही थी।

पुलिस के मुताबिक हिरासत में लिए गए दोनों युवक दिल्ली के रहने वाले हैं। कमल सोमानी और उसका दोस्त आशीष खुराना मृतक का दिखावा कर पुतले का अंतिम संस्कार करने पहुंचे थे। जांच में सामने आया कि कमल सोमानी के ऊपर करीब 50 लाख रुपए का कर्ज था और वह इसे चुकता करने के लिए साजिश रच रहा था। कमल ने अपने पुराने कर्मचारी अंशुल कुमार का आधार कार्ड और पैन कार्ड अपने पास रख लिया था और बिना अंशुल की जानकारी के उसके नाम पर 50 लाख रुपए का बीमा करा लिया था।

अब वह बीमा राशि हड़पने के लिए अंशुल को मृत दिखाने की साजिश रची और पुतला जलाकर उसका डेथ सर्टिफिकेट लेना चाहता था। सीओ स्तुति सिंह ने कहा कि कमल और आशीष अंशुल का डेथ सर्टिफिकेट पाने के लिए गंगा घाट आए थे और नकली अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे।अंशुल स्वास्थ्य रूप से पूरी तरह ठीक है और प्रयागराज में अपने घर पर रह रहा है। जांच में सामने आया कि कमल सोमानी और आशीष खुराना ने पिछले कुछ महीनों में योजना बनाई थी।

आरोपी युवक अंशुल के नाम पर बीमा पॉलिसी लेकर उसकी किस्त भी भरते रहे। अब मृत दिखाने और डेथ सर्टिफिकेट हासिल करने के मकसद से ये साजिश रची थी। अंशुल के मृत होने का प्रमाण पत्र पा लेने के बाद वह बीमा क्लेम के लिए दावे को फाइल करने वाले थे। नकली शव और पुतले का अंतिम संस्कार इस योजना का अहम हिस्सा था।
स्थानीय लोगों ने देखा तो समय रहते पुलिस को सूचना दी, जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो दोनों युवकों ने झूठी कहानी बताने की कोशिश की कि दिल्ली के एक अस्पताल ने उन्हें डमी दे दिया था, लेकिन पुलिस की सख्ती के बाद उन्होंने सारी सच्चाई उगल दी। पुलिस ने मौके से कार बरामद की और दोनों युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
































