BILASPUR NEWS. राज्य में छत्तीसगढ़ महतारी के मान-सम्मान को लेकर बढ़ती चिंता और सामाजिक असंतोष को देखते हुए सर्व छत्तीसगढ़िया समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक लिंगियाडीह में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न समाजों, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल पर दर्ज FIR को द्वेषपूर्ण और राजनीतिक प्रेरित बताते हुए FIR को तत्काल रद्द करने की मांग की।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अमित बघेल ने किसी धर्म या आस्था का अपमान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान और अस्मिता पर हो रहे हमलों पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बसना में वीर नारायण सिंह की आदमकद प्रतिमा, पेंड्रा में अजीत जोगी की मूर्ति और गुरु घासीदास जी की तस्वीर को शौचालय में लगाने की घटना पर अब तक कड़े कदम ना उठाया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।

बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए 3 बड़े संकल्प
- अमित बघेल पर दर्ज FIR तुरंत रद्द की जाए।
- ‘छत्तीसगढ़िया खरीदे छत्तीसगढ़िया से’ अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा।
- बात-व्यवहार, कार्य और कार्यक्रम—सब में छत्तीसगढ़ी भाषा को प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में उपस्थित प्रमुख समाज और प्रतिनिधि
यादव समाज जिला अध्यक्ष दीपक यादव, पटेल समाज उपाध्यक्ष आरती पटेल, देवांगन समाज तखतपुर अध्यक्ष डी.के. देवांगन, सतनामी समाज मस्तूरी महासचिव अश्विनी गोयल, महरा समाज प्रदेश संयोजक रवि वस्त्रकार सहित कुर्मी, साहू, ब्राह्मण, गडरिया और अन्य समाजों के सैकड़ों प्रतिनिधि शामिल हुए।

अंत में सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया कि —छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष हर मंच पर जारी रहेगा।




































