DURG NEWS. बुंदेलखंड मित्र मंडल ने शुक्रवार को वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई का जन्म दिवस धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया। समारोह की शुरुआत केलाबाड़ी स्थित वीरांगना की प्रतिमा पर ध्वजारोहण और माल्यार्पण से हुई, जिसमें वार्ड के पार्षद एवं स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके बाद कार्यक्रम का मुख्य आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कसारीडीह में हुआ, जहां मां सरस्वती और रानी लक्ष्मीबाई के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का परिचय मित्र मंडल के वरिष्ठ सदस्य एवं संरक्षक रमेश टेहनगुरिया ने किया। विद्यार्थियों ने अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. आर. पी. तिवारी, अध्यक्षता डॉ. शांति शर्मा (मित्र मंडल अध्यक्ष एवं सरस्वती शिक्षा समिति सह सचिव) ने की।

विशिष्ट अतिथियों में अरुण कुमार गुप्ता, समाजसेविका रत्ना नारमदेव, सीमा तिवारी, भारती पाठक, चंद्र तिवारी, रितु मिश्रा, लेखा, तथा मित्र मंडल के संरक्षक एस. डी. नायक, एच. के. शर्मा, आर. के. भटनागर, विनोद सिन्हा, रामजी कोरी, सीएम विश्वकर्मा, पीके तिवारी, पीके दुबे, रमन गुप्ता, ए. के. कनेरिया, और श्रीराम फाइनेंस के रीजनल हेड आशीष जैन शामिल रहे।

श्रीराम फाइनेंस की ओर से आशीष जैन ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष छात्रवृत्ति की घोषणा की। विद्यालय की प्राचार्य कृपा शर्मा, प्रधानाचार्य सुनील श्रीवास्तव एवं सभी आचार्य-दीदियों का सहयोग सराहनीय रहा। कार्यक्रम के अंत में रत्ना नारमदेव और एम. पी. विश्वकर्मा ने विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।
लक्ष्मीबाई का जीवन प्रेरणा का दीप है
मुख्य अतिथि डॉ. तिवारी ने रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य, त्याग और संघर्ष की पूरी गाथा सुनाई। डॉ. शांति शर्मा ने छात्राओं से कहा कि “लक्ष्मीबाई के साहस और दृढ़ता से प्रेरणा लेकर जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने चाहिए।”
कविता, विचार और सांस्कृतिक प्रस्तुति
एस. डी. नायक और रामजी कोरी ने रानी लक्ष्मीबाई पर आधारित हृदयस्पर्शी काव्य पाठ किया। छात्र समीर साहू और युक्ति साहू ने अपने विचार रखे, जबकि अन्य छात्र-छात्राओं ने नृत्य के माध्यम से रानी लक्ष्मीबाई के चरित्र और जीवन संघर्ष को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संयोजक संचालन पूर्णिमा भोमिक ने किया।

छात्रवृत्ति की घोषणा
श्रीराम फाइनेंस की ओर से आशीष जैन ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष छात्रवृत्ति की घोषणा की। विद्यालय की प्राचार्य कृपा शर्मा, प्रधानाचार्य सुनील श्रीवास्तव एवं सभी आचार्य-दीदियों का सहयोग सराहनीय रहा। कार्यक्रम के अंत में रत्ना नारमदेव और एम. पी. विश्वकर्मा ने विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।




































