KONDAGAON NEWS. कोण्डागांव नगर पालिका क्षेत्र के कोपाबेड़ा नहरपारा में सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार की लापरवाही एक परिवार पर भारी पड़ गई। शनिवार को मनोज देव की चार वर्षीय इकलौती बेटी मिस्टी उर्फ इशिका की मौत निर्माण कार्य के दौरान खोदे गए खुले गड्ढे में डूबने से हो गई। यह गड्ढा नहर तालाब सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान बनाया गया था, जिसे कार्य रुकने के बाद महीनों से यूं ही खुला छोड़ दिया गया था।

मृत मिस्टी की मां अमीषा देव, चाचा मानिक देव, पड़ोसी रानी सिंह और रेखा राय सहित अन्य पड़ोसियों ने बताया कि, गर्मी के मौसम में नगर पालिका की ओर से नहर तालाब सौंदर्यीकरण का काम ठेकेदार अंकुश जैन के माध्यम से शुरू किया गया था। इसी दौरान लगभग छह फीट से अधिक गहरा गड्ढा बनाया गया था, जिसमें मजदूर नहाने और अन्य गतिविधियाँ करते थे। कार्य बंद होने के बाद इस गड्ढे को भरने या सुरक्षित करने की कोई व्यवस्था नहीं की गई, बरसात के बाद इसमें पानी भर गया और यह जानलेवा बन गया।

मफलर ने दिया मौत का सुराग
सुबह इशिका को आखिरी बार इसी गड्ढे के पास खेलते देखा गया था। कुछ देर बाद बच्ची घर पर नहीं मिली तो परिवार और पड़ोसियों ने खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान गड्ढे में तैरता हुआ उसका मफलर दिखाई दिया। आशंका होने पर उसके चाचा मानिक देव ने गड्ढे के पानी में उतरकर तलाश की और इशिका को निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों और पड़ोसियों का आरोप है कि ठेकेदार अंकुश जैन की लापरवाही और नगर पालिका की उदासीनता के कारण यह हादसा हुआ है। उनका कहना है कि यदि गड्ढे को सही ढंग से भरा, पाटा या सुरक्षित किया जाता, तो एक मासूम की जान नहीं जाती।


































