NEW DELHI. दीवाली की रात पटाखों की गूंज और पंजाब में पराली जलाने के चलते मंगलवार की सुबह प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो गया। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में सुबह हल्की धुंध छाई रही और हवा में प्रदूषण के कण भर गए। राजधानी ही नहीं, पहाड़ी राज्यों की हवा भी खराब श्रेणी में पहुंच गई है।

पंजाब में 308 पराली जलाने के मामले
पंजाब में सोमवार तक पराली जलाने की कुल घटनाएं 308 तक पहुंच गईं। इनमें सबसे ज्यादा मामले तरनतारन और अमृतसर जिलों से सामने आए हैं। तरनतारन में अब तक 113 और अमृतसर में 104 घटनाएं दर्ज हुई हैं। यह स्थिति तब है जब राज्य सरकार बार-बार खेतों में पराली न जलाने की अपील कर रही है। पराली जलाने के कारण हवा की गुणवत्ता और भी बिगड़ गई है।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, इस साल अब तक 132 मामलों में 6.5 लाख रुपये से ज्यादा पर्यावरण मुआवजा जुर्माने के रूप में लगाया गया है। इनमें से 4.70 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है, वहीं 147 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें तरनतारन के 61 और अमृतसर के 37 केस शामिल हैं।

दिल्ली के 36 इलाके रेड जोन में
दीवाली के अगले दिन दिल्ली की हवा बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के आसपास सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 317 दर्ज किया गया। दिल्ली के कुल 36 इलाकों को रेड जोन में रखा गया है, जहां हवा ‘बहुत खराब’ स्तर पर है।

दिल्ली में लागू हुआ ग्रैप-2
सोमवार रात द्वारका में AQI 417, वजीरपुर में 423, आनंद विहार और अशोक विहार में 404 दर्ज हुआ, जबकि राजधानी का औसत AQI 344 रहा। सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली पर सिर्फ ग्रीन पटाखों की अनुमति दी थी, फिर भी आतिशबाजी के कुछ ही घंटों ने हवा को जहरीला बना दिया। पूसा इलाके का AQI तो 999 तक पहुंच गया। हालात बिगड़ने पर दिल्ली में ग्रैप-2 लागू कर दिया गया है।

यूपी-बिहार में भी छाई हल्की धुंध
उत्तर प्रदेश में भी दीवाली की सुबह हल्की धुंध देखी गई। ज्यादातर जिलों में हवा सूखी रही, लेकिन तापमान में गिरावट के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 22 अक्टूबर के बाद प्रदेश में ठंड बढ़ेगी और 26 अक्टूबर के बाद मौसम करवट ले सकता है। बिहार में दिन में तेज धूप और सुबह-शाम हल्की ठंड के साथ मौसम सुहाना बना रहेगा। मौसम विभाग ने राज्य को ग्रीन जोन में रखा है, यानी अगले कुछ दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है।

































