DURG NEWS. दुर्ग में नशे के खिलाफ एकजुट हो रहे लोगों ने अब खुद डंडा उठाने की ठान ली है। यह बात आपको कानून और व्यवस्था के खिलाफ जरूर लग सकती है, लेकिन लोगों ने इसके लिए आगे एक कदम बढ़ा दिया है। दरअसल, नशे और बढ़ते अपराध से परेशान लोगों ने अब खुद डंडा उठाने की ठान ली है। नशे के अवैध कारोबारियों के घरों पर ताला लगाकर उन्हें वार्ड से निकाला जाएगा। इतना ही नहीं बिगड़े युवाओं को अब उनकी मां सुधारने का काम करेगी।

आइए जानते हैं क्या है ये पूरा मामला
दरअसल, दुर्ग के शक्ति नगर में आज दो वार्डो की अहम बैठक रखी गई। बैठक में वार्ड के चुने जनप्रतिनिधि और स्थानीय जनता भारी संख्या में मौजूद थी। बैठक में महिलाओं की संख्या अधिक देखी गई। जनप्रतिनिधियों और जनता की इस बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन नजर नहीं आया। बैठक में क्षेत्र की जनता ने एक एक करके अपने समस्याओं को रखा। साथ ही उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने आव्हान किया कि अब क्षेत्र में कोई भी अवैध नशे का कारोबार करता नजर आएगा, तो उसके घर पर ताला जड़कर उसे क्षेत्र से बाहर कर दिया जाएगा।

वहीं बैठक में यह तय हुआ कि महिलाएं अपने घर के युवाओं पर कड़ाई से कार्यवाही करेगी। क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधि ने महिलाओं की टीम बनाकर डंडा उठाकर नशा करने वालों पर कार्यवाही करने का फैसला लिया है। तो वहीं वरिष्ठ पार्षद ने तो एक लिस्ट तैयार की है, जिसमें अवैध नशे का कारोबार करने से लेकर सूखे नशे के सेवन करने वालों का नाम शामिल है। इस लिस्ट को पुलिस को सौंपा गया और प्रशासन को हिदायत दी है कि इस पर कार्यवाही नहीं हुई तो जनता अपना फैसला खुद करेगी।

इस बैठक में दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार, वार्ड 17 और 18 के पार्षद देवनारायण चंद्राकर और सुरुचि सेन भी मौजूद रही। वक्ताओं में पूर्व पार्षद अरुण सिंह ने भी अपनी बातें रखी। अब ऐसा माना जा रहा है शहर का स्लम एरिया शक्ति नगर की जनता त्रस्त होने के बाद अब जाग गई है, क्योंकि इस क्षेत्र में अपराध का ग्राफ भी काफी बढ़ गया है। इस क्षेत्र में महिलाओं और युवतियों का घर से निकलना भी दूभर हो गया है। जाहिर है कि अब पुलिस की नाकामियों से परेशान जनता ने डंडा उठाने का प्रण ले लिया है।





































