PRAYAGRAJ NEWS. प्रयागराज में एक छात्रा ने बाथरूम में नहाते समय वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप लगाते हुए कर्नलगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है। छात्रा का कहना है कि जब वह स्नान कर रही थी, तभी मकान मालिक का बेटा रोशनदान से झांकता हुआ उसका वीडियो बनाने की कोशिश कर रहा था।
छात्रा ने जब शोर मचाया, तो आरोपी मौके से फरार हो गया। मगर, उससे डर है कि उसने उसकी नहाते समय का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया है। इस घटना की जानकारी जब पुलिस को दी गई, तो जांच शुरू कर दी गई है।

कौशांबी की रहने वाली है छात्रा
छात्रा कौशांबी की रहने वाली है और ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में पढ़ाई करती है। वह अपने फुफेरे भाई के साथ निगम चौराहा मम्फोर्डगंज में किराए के कमरे में रहती है। कुछ दिन पहले उसका फुफेरा भाई दिल्ली शोध कार्य के लिए गया था, इसी दौरान वह अकेली थी। सुबह करीब आठ बजे जब वह बाथरूम में थी, तब मकान मालिक का बेटा रोशनदान के जरिए झांक रहा था।
छात्रा ने विशाल को मोबाइल हाथ में पकड़े हुए देखकर शोर मचाया, जिससे विशाल भाग गया। बाहर आने पर उसने विशाल को आंगन में भी देखा। छात्रा को डर है कि उसके नहाते वक्त का वीडियो विशाल ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया होगा। इस कारण व्यथित होकर वह थाने पहुंची और तहरीर दी।

पुलिस कर रही है मामले की जांच
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई कर रही है। यह मामला खास तौर पर लड़की की निजता और सुरक्षा के संदर्भ में बहुत चिंताजनक बताया जा रहा है, और इसका स्थानीय स्तर पर व्यापक चर्चा हो रही है। पुलिस इस मामले को लेकर सतर्क है और जल्द से जल्द तथ्य सामने लाने का प्रयास कर रही है।

घटना का सनसनीखेज पहलू
प्रयागराज में इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। पहले भी इसी क्षेत्र में एक मामला आया था, जिसमें हॉस्टल संचालक द्वारा खुफिया कैमरा लगाकर लड़कियों के वीडियो रिकॉर्ड किए गए थे। उस वक्त भी पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपी को जेल भेजा था। इस तरह की घटनाएं समाज में भय का माहौल बनाती हैं। साथ ही लड़कियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती हैं।

समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी
यह मामला छात्राओं की सुरक्षा और समाज में विश्वास की चुनौती है। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे इस तरह के मामलों में कठोर नियम बनाएँ, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही, स्कूल और हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी सख्ती से लागू करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो सकें।
यह मामला स्पष्ट करता है कि महिलाओं और लड़कियों के प्रति सुरक्षा की जिम्मेदारी समाज और सरकार दोनों की है। यदि उचित कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं फिर से समाज का भरोसा कमजोर कर सकती हैं।




































