RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के कई जिलों में रात से झमाझम बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे में बालौदाबाजार-भाटापारा जिले में 179 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों और उससे सटे उत्तरी ओडिशा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश हो रही है। इधर मौसम विभाग ने 27 जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। यहां बारिश के साथ मेघगर्जन होने, आकाशीय बिजली गिरने की घटना हो सकती है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटे हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। बारिश का मुख्य क्षेत्र दक्षिण यानी बस्तर संभाग और मध्य क्षेत्र यानी रायपुर और दुर्ग संभाग के जिले हो सकते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 25 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 26 सितंबर को दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से दूर उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अवदाब क्षेत्र बनने की संभावना है। इस वेदर सिस्टम की वजह से प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
इन जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के धमतरी, बालोद, राजनाांदगाांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जाांजगीर-चाांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर,
कोरिया जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागाांव, उत्तर बस्तर कांकेर, बलरामपुर जिले के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
प्रदेश में कहां कितना बरसा पानी जानें
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों में प्रदेश के बलौदाबाजार भाटापारा जिले में सबसे ज्यादा 179.6 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया है। वहीं सांरगढ़-बिलाईगढ़ में 146 मिमी, जांजगीर-चांपा में 134.2 मिमी, सक्ती में 100.6 मिमी, रायगढ़ में 91.7 मिमी, गरियाबंद में 69.4 मिमी, धमतरी में 19.1 मिमी, रायपुर में 38.8 मिमी, बिलासपुर में 23 मिमी, बलरामपुर-रामानुजगंज में 52.2 मिमी, सूरजपुर में 48 मिमी, कोरबा में 40.6 मिमी, बस्तर में 27 मिमी, दंतेवाड़ा में 22.7 मिमी, बीजापुर में 22 मिमी, सुकमा में 51 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया है।
यह सिनोप्टिक सिस्टम
– दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा 32°N/74°E, तरनतारन, संगरूर, जींद, रेवाड़ी, टोंक, महेसाणा, पोरबंदर, 21°N/68°E से होकर गुजर रही है।
– पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों और उससे सटे उत्तरी ओडिशा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों पर निम्न दबाव का क्षेत्र आज, 23 सितंबर 2025 को 1430 बजे IST तक बना रहा। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है।
– पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों और उससे सटे उत्तरी ओडिशा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों पर निम्न दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से ओडिशा होते हुए तेलंगाना तक औसत समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी ऊपर एक द्रोणिका बनी हुई है।
– पश्चिम बंगाल के गंगीय तटीय क्षेत्रों और उससे सटे उत्तरी ओडिशा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण से ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक होते हुए दक्षिण महाराष्ट्र तट तक औसत समुद्र तल से 4.5 और 5.8 किमी ऊपर एक और द्रोणिका बनी हुई है।
– 25 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। लगभग पश्चिम की ओर बढ़ते हुए, इसके 26 सितंबर को दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से दूर उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अवदाब क्षेत्र बनने की संभावना है।




































