BILASPUR NEWS. बिलासपुर के सिम्स अस्पताल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां 74 वर्षीय बुजुर्ग के गले से डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर 6 ब्लेड निकाला है। जानकारी के अनुसार उसलापुर निवासी मानसिक रूप से अस्वस्थ्य बुजुर्ग ने आत्महत्या का प्रयास करते हुए ब्लेड निगल लिए थे। इसके बाद उन्हें खाने और निगलने में परेशानी होने लगी।
परिजनों ने तत्काल उन्हें सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया। जांच के दौरान एक्स-रे रिपोर्ट में गले में ब्लेड फंसे होने की पुष्टि हुई। मामला गंभीर होने पर डॉक्टरों की टीम ने 2 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के बाद एक-एक कर 6 ब्लेड सफलतापूर्वक निकाल दिए। फिलहाल बुजुर्ग की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि, समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई, वरना स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
सिम्स अस्पताल के एमएस, डॉक्टर लखन सिंह ने बताया कि, ऐसे केसेस में टाइम मैनेजमेंट बहुत इंपोर्टेंट होता है और मरीज के आने के कुछ ही घंटे के अंदर तत्काल कदम उठाते हुए बुजुर्ग का इलाज किया गया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी है।
सिम्स में थायरॉयडक्टॉमी का सफल ऑपरेशन
इसके पहले जून महीने में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल में एक 64 वर्षीय महिला की थायरॉयडक्टॉमी का सफल ऑपरेशन हुआ था। महिला पिछले 12 वर्षों से गर्दन में सूजन और निगलने में परेशानी से जूझ रही थी।
सिम्स के ENT विभाग की डॉ. आरती पांडे और डॉ. वी. बी. साहू की टीम ने एनेस्थीसिया टीम के सहयोग से यह सर्जरी की, जिसमें डॉ. मधुमिता मूर्ति और डॉ. मिल्टन डेबबर्मा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दरअसल, थायरॉयडक्टॉमी एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें थायरॉयड ग्रंथि का हिस्सा या पूरी ग्रंथि को हटाया जाता है। यह ऑपरेशन आमतौर पर थायरॉयड कैंसर, बड़े गोइटर, या हाइपरथायरायडिज्म के मामलों में किया जाता है। थायरॉयड ग्रंथि गर्दन में स्थित एक छोटी ग्रंथि है जो शरीर के चयापचय को नियंत्रित करने वाले हार्मोन का उत्पादन करती है।




































