BILASPUR NEWS. पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है। जिसके बाद कोर्ट ने चैतन्य बघेल को 6 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। 6 अक्टूबर तक eow चैतन्य बघेल से पूछताछ करेगी। वहीं दीपेन चावड़ा को भी 29 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। शराब घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो ने भी चैतन्य बघेल पर शिकंजा कसा है।
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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल को फिर से HC से बड़ा झटका लगा है। चैतन्य बघेल की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। अब चैतन्य पर ACB के द्वारा गिरफ्तारी की तलवार लटकी है। ACB की गिरफ्तारी की आशंका को लेकर लगाई अग्रिम जमानत अर्जी लगाई गई भी इससे पहले भी HC ने चैतन्य द्वारा दायर याचिका को लिबर्टी (छूट) के साथ खारिज किया था । जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई है।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने चैतन्य को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। चैतन्य अब 6 अक्टूबर तक रिमांड पर रहेंगे। वहीं, दीपेन चावड़ा को 29 सितंबर तक पुलिस रिमांड में रखा जाएगा। इस दौरन EOW इनसे पूछताछ करेगी।
चैतन्य बघेल की औपचारिक गिरफ्तारी
मंगलवार देर शाम EOW ने अदालत में आवेदन दायर किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। बुधवार को भोजनावकाश के बाद रायपुर सेंट्रल जेल से चैतन्य बघेल को अदालत लाया गया, जहां औपचारिक गिरफ्तारी हुई। दीपेन चावड़ा, जो घोटाले में कथित मध्यस्थ माने जाते हैं, को भी हिरासत में लिया गया है। ED पहले से चैतन्य की मनी लॉन्ड्रिंग जांच कर रहा है, जिसमें उन्हें 1,000 करोड़ के अवैध लेन-देन से जोड़ा गया है। अब EOW की कार्रवाई से उन्हें दोहरी जांच का सामना करना पड़ रहा है।




































