BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सोमवार को प्रशासन ने सरकारी ज़मीन पर बने एक अवैध चर्च पर बुलडोजर चला दिया। यह कार्रवाई सकरी थाना क्षेत्र के भरनी गांव में की गई। प्रशासन ने आरोप लगाया कि सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर चर्च बनाया गया था और यहाँ नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में धर्मांतरण का खेल चल रहा था।
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जानकारी के अनुसार, 13 जुलाई 2025 की रात हिंदुवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भरनी के आवास पारा में बने इस चर्च को लेकर बवाल किया था। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से चर्च बनाया गया है। इसके बाद संगठन के राम सिंह ठाकुर ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके से तीन युवकों को पकड़कर पूछताछ के लिए थाने लाया और अवैध चर्च के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
मामला 13 जुलाई 2025 की रात से जुड़ा है, जब हिंदुवादी संगठन के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भरनी के आवास पारा इलाके में बने इस चर्चनुमा भवन को लेकर हंगामा किया। आरोप लगाया गया कि सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर अवैध चर्च बनाया गया है और यहां नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में धर्मांतरण गतिविधियां चलाई जा रही थीं।
हिंदुवादी संगठन के कार्यकर्ता राम सिंह ठाकुर ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को पकड़कर थाने ले जाकर पूछताछ की। साथ ही अवैध चर्च के खिलाफ प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
दोनों पक्ष आमने-सामने
जहां हिंदू संगठनों का कहना है कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण किया जा रहा था, वहीं मसीही समाज के लोगों ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि जिसे प्रशासन ने तोड़ा, वह चर्च नहीं बल्कि एक आवासीय मकान था। उन्होंने बताया कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर मकान बनाया गया था, लेकिन प्रशासन ने जानबूझकर हमारे घर को निशाना बनाया।




































