WASHINGTON NEWS. भयंकर भूकंप से एक बार फिर अमेरिका की धरती हिली है। अलास्का में कई जगहों पर 7.3 की तीव्रता का भूकंप आया। जानकारी के अनुसार अमेरिकी राज्य अलास्का के तट पर दोपहर 12.37 बजे तेज भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.3 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र सैंड पॉइंट से करीब 87 किलोमीटर दक्षिण में था। भूकंप के बाद करीब 7.5 लाख लोगों पर सुनामी का भी खतरा मंडरा रहा है। इसको लेकर चेतावनी भी जारी की गई है। भूकंप की वजह से कितना नुकसान हुआ है। अभी तक इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं नहीं की गई है।
दक्षिण अलास्का और अलास्का प्रायद्वीप के साथ कैनेडी एंट्रेंस, अलास्का से यूनिमक पास और प्रशांत महासागर के तटीय इलाके में सुनामी का खतरा मंडरा रहा है। अलास्का भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील इलाका है। यहां 1964 में 9.2 की तीव्रता का भी भूकंप आ चुका है। अब एक बार फिर पूरा राज्य दहशत में आ गया है। भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी के बीच प्रशासन ने तटीय इलाकों में रह रहे लोगों को अपने घरों को छोड़कर जाने के लिए कहा है।
इस बीच, उनालास्का में रहने वाले करीब 4100 मुछआरों को तट खाली करने का सुझाव दिया गया है। किंग कोव में रहने वाले 870 लोगों को भी अलर्ट कर दिया गया है। अमेरिका में पिछले दो महीनों में कई बार भूकंप आ चुका है. 16 जुलाई को टेक्सास में 1.8 की तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था। वहीं 23 जून को डेनाली बरो, एंकरेज और अलास्का में 4 की तीव्रता का भूकंप आया था।
इसलिए लगते हैं भूकंप के झटके
भूकंप आने का कारण धरती के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स का टकराना होता है। आपको बता दें कि पृथ्वी के अंदर कुल 7 टेक्टोनिक प्लेट्स मौजूद रहती हैं। जानकारी के मुताबिक, ये सभी 7 टेक्टोनिक प्लेट्स अपनी-अपनी जगह पर लगातार घूमती रहती हैं। हालांकि, कई बार घूमने के दौरान ये टेक्टोनिक प्लेटें फॉल्ट लाइन पर टकरा जाती हैं। इनके टकराने से जो घर्षण पैदा होता उससे ऊर्जा उत्पन्न होती है जो कि बाहर निकलने का रास्ता खोजती हैं। यही कारण है कि धरती पर भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं।


































