INDOR NEWS. वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक आत्महत्या केस में पहले से आरोपी सलोनी अरोरा अब एक नए मामले में फंस गई हैं। सलोनी पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे ज़मानत हासिल की थी। इस मामले में क्राइम ब्रांच इंदौर ने सलोनी के साथ ही उनके दो जमानतदारों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।
सलोनी अरोरा पर जुलाई 2018 में याग्निक को ब्लैकमेल करने और मानसिक प्रताड़ना देने के कारण आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में उन्हें पहले ज़मानत मिल गई थी और केस अभी जिला कोर्ट में ट्रायल पर है। लेकिन अब फर्जी दस्तावेज़ों से ज़मानत लेने के आरोप में वह एक बार फिर कानूनी शिकंजे में आ गई हैं। सूत्रों के अनुसार, सलोनी को मंदसौर-नीमच के पास मल्हारगढ़ से गिरफ्तार किया गया है और क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें इंदौर ला रही है।
क्राइम ब्रांच ने इन धाराओं में किया मामला दर्ज
क्राइम ब्रांच इंदौर ने यह मामला 15 जुलाई की रात निरंजन याग्निक (स्वर्गीय कल्पेश याग्निक के भाई) की शिकायत पर दर्ज किया। जांच के बाद आरोपी सलोनी अरोरा के साथ-साथ दो जमानतदारों — केदार डाबी (पिता मनीराम डाबी, निवासी सिमरोल) और मधु श्रीवास्तव (पति राजेश श्रीवास्तव, निवासी आनंद नगर, इंदौर) — पर भी केस दर्ज किया गया है।
इन सभी पर IPC की धाराएं 115, 120बी, 420, 465, 466, 467, 470, 471 और 474 के तहत कुल 10 धाराओं में केस दर्ज हुआ है। जांच जारी है और क्राइम ब्रांच का कहना है कि सलोनी अरोरा द्वारा ज़मानत प्रक्रिया में की गई धोखाधड़ी के पीछे और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।





































