BHILAI NEWS. भिलाई तीन के पुरैना में दो दिन पहले जिस गांजे को पकड़ने सबसे पहले 112 की टीम पहुंची थी। उसी टीम के दो लोगों ने एक बोरी गांजा छुपा लिया। जब इस बात की खबर एसपी दुर्ग जितेन्द्र शुक्ला तक पहुंची, तो उन्होंने न सिर्फ उस आरक्षक को सस्पेंड किया, बल्कि उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज करा गिरफ्तारी के भी निर्देश दिए।
इस मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने आरक्षक विजय धुरंधर और 112 के ड्राइवर अनिल टंडन पर भी आरोपियों के संग-संग प्रकरण दर्ज किया। दरअसल, पुलिस को खबर मिली थी कि एक कार में दो युवक गांजा लेकर जा रहे हैं। तभी पुरैना के पास उस गाड़ी को रोका गया।
यहां इस गाड़ी से पुरानी भिलाई थाना पुलिस को 2 बोरे में 12 किलो गांजा मिला। पुलिस गाड़ी को जब्त कर और आरोपी को लेकर थाने पहुंची, लेकिन जब आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने सारा राज खोला और बताया कि एक बोरे में बंद 6 किलो गांजा 112 की टीम के एक आरक्षक ने पहले ही निकाल लिया था।
जिसके बाद थाना प्रभारी ने इन पर कार्रवाई की तो ड्राइवर के घर में छिपाया हुआ 6 किलो गांजा जब्त किया गया। एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने कहा कि नशे के खिलाफ दुर्ग पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसमें पुलिस कर्मी भी लिप्त होंगे तो उन्हें भी नहीं बख्शा जाएगा।
थाणे के एक आरोपी से जुड़े साइबर ठगी करने वाले के तार
इधर दो अलग-अलग मामलों में साइबर ठगी करने वाले मामले के तार थाणे के एक आरोपी से जुड़े हैं। दुर्ग पुलिस ने आज खुलासा करते हुए बताया कि दस दिन पहले भिलाई तीन में हुए एक साइबर ठगी के मामले में कोलकाता से पुलिस ने जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, उन्होंने भी आगे की कड़ी के रूप में आरोपी सद्दाम का नाम लिया।
यह वहीं सद्दाम था जिसका नाम डिजिटल अरेस्ट कर लाखों की ठगी के मामले में सामने आया था। एसपी दुर्ग ने बताया कि दुर्ग पुलिस को जैसे ही सद्दाम की जानकारी मिली। वैसे ही टीम 3 दिनों तक थाणे में रहकर रेकी की और आरोपी को गिरफ्तार किया।
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एसपी दुर्ग जितेन्द्र शुक्ला ने बताया कि सद्दाम लोगों से म्यूल खाते लिया करता था और उसके बदले उन्हें कमीशन दिया करता था। ठगी के दौरान रकम इन खातों से होते हुए उसके पास पहुंचती थी। उन्होंने बताया कि सद्दाम के आगे की कड़ी भी है जिसके तार राजस्थान से जुड़े हैं। जल्द ही टीम मुख्य आरोपी तक भी पहुंचेगी।
बता दें कि भिलाई नगर थाने में दर्ज डिजिटल अरेस्ट के मामले में पुलिस ने पहले ही तीन आऱोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनके खाते में पैसे जमा किए गए थे। इन आरोपियों ने भी आगे की कड़ी के रूप में सद्दाम का नाम लिया था।