BIJAPUR. छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चेतावनी का असर दिखने लग गया है। दरअसल, प्रदेश के वनांचल क्षेत्र में माओवाद को खत्म करने के लिए जवान लगातार जंगलों में घूम रहे हैं और लगातार सफलता भी मिल रही है।

वहीं माओवादी लगातार मिल रहे नुकसान से बौखलाए हुए हैं तो कुछ नक्सली अब लाल आतंक को छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि 25 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसमें 8-8 लाख के दो इनामी नक्सली भी शामिल है।

बताया जा रहा है कि पुलिस के सामने सभी नक्सलियों ने बंदूक को त्यागकर आत्मसमर्पण किया है। बता दें कि बीजापुर में पिछले 7 महीनों में अब तक 170 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 346 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को प्रोत्साहन के तौर पर 25-25 हजार रुपये की राशि भी प्रदान की गई है।

बता दें कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे पर आए थे। इस दौरान मंत्री शाह ने पड़ोसी राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशकों के साथ अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक की और नक्सलवाद को खत्म करने रणनीति बनाई। इसका सीधा असर अब नक्सलियों के आत्मसमर्पण के तौर पर देखा जा रहा है।

बता दे की अमित शाह ने मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। उसे लेकर सरकार ने काम भी शुरू कर दिया है। केंद्रीय गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ के दौरे पर साफ तौर पर कहा था की हम माओवाद का रास्ता अपना रहे नौजवानों से आत्मसमर्पण की अपील करते हैं। उन्हें लाल आतंक छोड़कर विकास की मुख्य धारा में जुड़ जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि जो लोग हथियार नहीं छोड़ेंगे उन्हें चाहे वह पाताल में ही क्यों ना हो उन्हें बक्सा नहीं जाएगा।




































