SAKTI. छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए महिला कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर ने अपने प्रेमी को परिवार की नजरों में हीरो बनाने के लिए ऐसा कांड कर दिया कि दोनों जेल पहुंच गए। कहानी ऐसी है कि इनकी बचकानी हरकत पर आपको गुस्से से ज्यादा हँसी आएगी। महिला कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर ने दो रोज पहले यानी 27 जून को अपहरण की कहानी गढ़ी, लेकिन योजना पर पुलिस के एक्शन ने पानी फेर दिया।

सक्ती के चिस्दा में रहने वाले रामनाथ जलतारे ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी बेटी का अपहरण हो गया है। उनकी बेटी अनुपमा जलतारे सरायपाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) के पद पर कार्यरत है। गुरुवार को वह अपने छोटे भाई कालेश्वर के साथ सक्ती आई थी। यहाँ चौपाटी पर उसने अपने छोटी भाई से पानी मंगाया, जब भाई पानी लेकर लौटा तब तक कुछ लोग उसकी बेटी को अगवा कर ले गए।

थोड़ी ही देर बार अनुपमा के बड़े भाई डेगम्बर के पास 15 लाख रुपये की फिरौती के लिए फोन आ जाता है। यह फोन अनुपमा के फोन से ही आता है। इसके बाद अनुपमा का भाई अनुपमा के दोस्त कोरबा में रहने वाले महेन्द्र जांगड़े को फोन करके जानकारी लेने की कोशिश करता है तो वह बताता है कि उसके पास भी अपहर्ताओं का फोन आया था। इसके बाद दूसरे दिन महेन्द्र जांगडे़ अनुपमा के भाई को फोन करता है कि अपकर्ताओं का फोन दोबारा आया था और वो कह रहे थे कि अगर 15 लाख नहीं मिले तो अनुपमा को बोरी में भरकर वापस करेंगे।

इधर पुलिस अपनी जांच में जुटी हुई थी। सर्वेलांस पर मोबाइल फोन लगाने पर पता चलता है कि अनुपमा का फोन और महेन्द्र जांगड़े का फोन एक साथ चल रहे हैं। फिर गया था सुराग मिल जाता है और दोनों को बिलासपुर के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया जाता है।

अपहरण की हकीकत
पुलिस के अनुसार अनुपमा जलतारे ने महेन्द्र जांगड़े को कोरबा से सक्ती की चौपाटी में बुलाया था। वह प्लानिंग के तहत छोटे भाई कालेश्वर को ठंडा पानी लेने के लिए भेजती है। इसके बाद पहले से मौजूद महेन्द्र जांगड़े के साथ उसकी बाइक से भाग जाती है। यहां से वह बारद्वार होते हुए बिलासपुर पहुंच जाती है। फिरौती की बात भी महेन्द्र जांगड़े ही कर रहा था। लेकिन इसके लिए वह अनुपमा का फोन इस्तेमाल कर रहा था।

क्यों बनाई झूठी कहानी
पूछताछ में पता चला कि अनुपमा अपने प्रेमी महेन्द्र जांगड़े को अपने परिवार की नजर में हीराे बनाना चाहती थी। वह जानती थी कि उसके परिवार वाले 15 लाख रुपये की व्यवस्था नहीं कर पाएंगे। इसलिए योजना ये थी कि दो दिन बाद वह खुद ही घर वापस आ जाती और घर वालों को बताती कि महेन्द्र ने 15 लाख रुपये देकर उसे छुड़ाया है। ऐसा करके वह महेन्द्र को परिवार की नजर में हीरो बना देती और उसे शादी में आसानी होती। लेकिन अफसोस अब दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एसपी बोलीं- ऐसी हरकतों से परिवार को परेशान न करें युवा
इस घटनाक्रम के बाद सक्ती की एसपी अंकिता शर्मा ने युवाओं से अपील की कि प्यार-मोहब्बत में युवा इस तरह की हरकतें न करें। उनकी इस हरकत से परिवार भी परेशान होता है और आप पर भी अपराध दर्ज हो सकता है।




































