RAIGARH. रायगढ़ सीट में इस बार कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं। बीजेपी से राधेश्याम राठिया और कांग्रेस से डॉ मेनका देवी मैदान में हैं। इस सीट से CM विष्णुदेव साय चार बार चुनाव जीत चुके हैं,

और इस बार वे प्रदेश के सीएम भी हैं। वहीं रायगढ़ से विधायक ओपी चौधरी प्रदेश में वित्तमंत्री है, ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या फिर से बीजेपी यहां अपना परचम लहरा पाएगी।

रायगढ़ जिले में आने वाले 7 मई को होने वाले मतदान को लेकर पुलिस प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। यहां इस बार कुल मतदान केंद्र- 2367 बनाए गए हैं। रायगढ़ सीट की 65 फीसदी आबादी आदिवासियों की है। ये सीट पिछले 25 सालों से भाजपा के कब्जे में है। साल 2014 के चुनाव में सीएम साय ने 2 लाख 16 हजार वोटों से जीत हासिल की थी।

समीकरण और मुद्दे
राजनीतिक दलों ने भी पूरी तरह से कमर कस ली है। इस सीट के जातिगत समीकरण पर ध्यान दें तो इस सीट में 4 लाख 9261 मतदाता राठिया और कंवर जाति के हैं। इन मतदाताओं में ज्यादातर मतदाता जशपुर क्षेत्र के हैं।

इसी तरह गोंड़ जाति के 2 लाख 36 हजार 342 मतदाता हैं। कमोबेश साय पैंकरा जाति के 1 लाख 66 हजार 812 मतदाता हैं। जबकि हिंदू उरांव जाति के 1 लाख 18232 और क्रिश्चयन वोटर तकरीबन 1 लाख 36 हजार हैं।

इस सीट में कंवर व गोंड समाज निर्णायक भूमिका में होते हैं। जिस भी पार्टी को इनका समर्थन मिलेगा वो जीत हासिल करेगी। इस सीट में खराब सड़कें, बढ़ता प्रदूषण, बेरोजगारी की वजह से पलायन, गरीबी की वजह से धर्मांतरण, रेल सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे हावी हैं।

जिले में प्रशासन और पुलिस के साथ 11 अर्ध सैनिक बलों की टुकड़ियां इस बार शांतिपूर्ण मतदान की जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं। ये टुकड़ियां लोकसभा क्षेत्र के 2238 मतदान केंद्रों में तैनात रहेंगी।

प्रशासन का दावा है कि मतदान को लेकर तैयारियां पुख्ता है। प्रदेश में तीसरे चरण में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के रायगढ़ जशपुर व सारंगढ़ जिले चुनाव होंगे।इस चुनाव में 18 लाख 36 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले हैं। मतदान के लिए पूरे लोकसभा क्षेत्र में इस बार कुल 2238 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।




































