MEWAT. हरियाणा के मेवात-नूंह इलाके में सोमवार को एक धार्मिक यात्रा निकलने के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसा हो गई। इसमें दो होमगार्ड समेत पांच लोगों की मौत हुई है और 30 से ज्यादा पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। इस दौरान पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से नाकाम दिखा। उपद्रवियों ने थाने, अस्पताल, लोगों की दुकानों और सैकड़ों गाड़ियों को जला दिया।

देखते ही देखते हिंसा सोहना से गुरुग्राम तक फैल गई। हिंसा पर काबू पाने के लिए अर्धसैनिक बलों की 20 कंपनियां तैनात की गई हैं। विश्व हिंदू परिषद ने हिंसा के विरोध में 2 अगस्त बुधवार को देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। वहीं, कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने आरोपियों के घर बुलडोजर चलाए जाने की मांग की है। हरियाणा के पांच जगहों में इंटरनेट भी बैन कर दिया गया है। इस बीच मोनू मानेसर का नाम सामने आ रहा है, जिसकी वजह से हिंसा फैलने की बात कही जा रही है। जानिए कौन है वह…

हरियाणा में मोनू मानेसर के एक वीडियो और उसकी मौजूदगी की अफवाह के चलते दो समुदायों के बीच जबरदस्त बवाल हुआ। हिंसा भड़कने का कारण भिवानी कांड का आरोपी मोनू मानेसर को बताया जा रहा है। उसका पूरा नाम मोहित यादव है। मानेसर में रहने की वजह से वह अपने नाम के आगे मानेसर लगाता है।

गौ-तस्करों से मुठभेड़ के मामले में रहा है शामिल
मोनू के पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में उसका एक छोटा भाई और एक बहन है। मोनू के दो बच्चे भी हैं। वो पिछले 10-12 वर्षों से बजरंग दल से जुड़ा है और कथिततौर पर गौ-तस्करों को पकड़वाने में वह पुलिस की मदद करता है। पिछले कुछ सालों से गो तस्करों से मुठभेड़ के मामलों में उसका नाम भी आया है।

ऐसे चर्चाओं में आया था मोनू मानेसर
साल 2019 में कथित गोतस्करों का पीछा करते वक्त उन पर गोली चलाने के बाद से मोनू मानेसर का नाम सुर्खियों में आया। साल 2015 में गाय संरक्षण कानून लागू होने के बाद हरियाणा सरकार ने जिला गाय संरक्षण टास्क फोर्स का सदस्य बनाया था। वह हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर शेयर करता है।
दो लोगों को जिंदा जलाने का आरोप
हरियाणा के भिवानी में 16 फरवरी 2023 को जली हुई बोलेरो में दो कंकाल मिले थे। मृतकों की शिनाख्त राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले 25 साल के नासिर और 35 साल के जुनैद के रूप में हुई थी। आरोप था कि वे गौ-तस्करी में शामिल थे। मृतकों को परिजनों ने आरोप लगाया कि बजरंग दल के कार्यतकर्ताओं ने पहले भरतपुर से दोनों का अपहरण किया था और फिर उनकी हत्या कर दी थी। दोनों के शव भरतपुर से करीब 200 किलोमीटर दूर भिवानी के लोहारू में मिले थे।

इस मामले में मृतकों के परिजनों ने मोनू मानेसर, अनिल, श्रीकांत, रिंकू सैनी और लोकेश सिंगला पर अपहरण और हत्या का आरोप लगाया था। बताया गया था कि सभी पांचों आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं और बजरंग दल से जुड़े हैं। मामले में आरोपी मोनू मानेसर को पकड़ने के लिए राजस्थान पुलिस कई बार छापेमारी कर चुकी है, लेकिन अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।




































