BALRAMPUR. बेंगलुरु में एक बार फिर छत्तीसगढ़ के 9 मजदूरों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के आरागाही नवापारा के देव कुमार राम, दीनू राम, मनोज राम कुलदीप कुमार आशुतोष प्रसाद, टूलू राम,अर्जुन राम,लक्ष्मण राम, बृहस्पति राम सहित 16 मजदूर ठेकेदार शमशाद अंसारी ग्राम सन्तुवा थाना चैनपुर झारखंड के द्वारा कर्नाटक के बंगलुरु यशवंतपुर 29 जून को काम करने भेजा गया था, जहां उनसे 24 घंटे काम कराए जा रहा था। इस दौरान खाना-पीना भी ढंग से नहीं दिया जाता व विरोध करने पर मारपीट भी की जाती थी।

इससे परेशान होकर 16 मजदूरों में से छह मजदूर किसी प्रकार वहां से भाग गए। वहीं नौ मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था। मजदूरों ने इसकी सूचना अपने परिजनों को दी तो परिजन विधायक बृहस्पत सिंह के पास आकर इसकी जानकारी दी। लाइव लोकेशन भी भेजी। विधायक ने पुलिस अधीक्षक डा़ लाल उमेद सिंह को मजदूरों के फंसे होने की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक के द्वारा तत्काल पुलिस टीम गठित कर वहां के लिए रवाना किया गया। पुलिस ने इन मजदूरों को वहां से बरामद कर सड़क मार्ग से सकुशल वापस लाया। वापस आए सभी मजदूरों ने विधायक बृहस्पत सिंह एवं पुलिस का धन्यवाद किया। परेशान स्वजनों ने भी राहत की सांस ली।

बंधक मजदूरों को भुगतान भी किया गया
बंधक मजदूरों ने बताया कि जब बंगलुरु के लेबर इंस्पेक्टर, वहां की पुलिस एवं छत्तीसगढ़ के पुलिस फैक्ट्री पहुंची तो हल्ला मच गया और इसकी जानकारी वहां के संचालक को मिली। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से वहां पहुंचा और श्रमिकों को समझाइश देते हुए तीन सौ रुपये प्रति दिन के हिसाब से भुगतान किया गया। पुलिस ने बताया कि छत्तीसगढ़ से गई पुलिस टीम के द्वारा सदाशिवनगर थाना बंगलुरु में जाकर संपर्क किया। उन्हें पुलिस की सहायता मिली । स्थानीय लेबर इंस्पेक्टर के सहयोग से सभी मजदूरों को छुड़ाने में सफलता मिली।








































