MANEDRAGARH. छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ से एक बड़ा मामला सामने आया है। दरअसल, यहां सड़क हादसे में घायल व्यक्ति का इलाज करने डॉक्टर चार घंटे देर से पहुंचे, इस दौरान घायल की मौत हो गई। जिसके बाद नाराज परिजन व ग्रामीणों ने इस मौत का जिम्मेदार डॉक्टरों को मानते हुए शुक्रवार आधी रात तक जमकर हंगामा मचाया। हॉस्पिटल और फिर थाने में गुस्साई भीड़ ने cmho को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। लोगों का गुस्सा देख अपनी जान बचाकर कर डॉक्टर भागते हुए किसी प्रकार सिटी कोतवाली पहुंचे। शनिवार को भी पूरे दिन गहमा-गहमी का माहौल रहा।

जानकारी के अनुसार मनेंद्रगढ़ के मौहारपारा निवासी नारायण पतवार शुक्रवार दोपहर सड़क हादसे का शिकार हो गया। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसके बाद परिजन ने उसे शाम 04 बजे लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां मेडिकल स्टाफ ने उनका प्राथमिक इलाज तो किया, लेकिन परिजन बार-बार सीएमएचओ डॉ. सुरेश तिवारी को फोन लगाते रहे और वे एक बार भी मरीज को देखने अस्पताल नहीं पहुंचे।

लगभग 04 घंटे तक डॉक्टर का इंतजार करते-करते नारायण पतवार की मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही मृतक के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा मचाना शुरू कर दिया। हंगामे की जानकारी मिलते ही डॉ. सुरेश तिवारी अस्पताल पहुंचे जिसे देखकर मरीज के परिजन ने अपना आपा खो दिया और उन्हें मारने के लिए दौड़ाने लगे। वहीं परिजन और भीड़ डॉ. तिवारी पर बरस पड़े और खूब खरी-खोटी सुनाई और उनकी धुनाई कर दी। किसी प्राकर भीड़ की पिटाई से बचने के लिए डॉक्टर भागते हुए सिटी कोतवाली पहुंचे और अपनी जान बचाई। वहीं देर रात तक थाने में भीड़ ने हंगामा मचाया।

परिजनों के खिलाफ डॉक्टरों ने दर्ज कराई शिकायत
सीएमएचओ डॉ. सुरेश तिवारी सहित एमसीबी व कोरिया जिले के डॉक्टरों ने संयुक्त हस्ताक्षरित शिकायत पत्र थाना प्रभारी मनेंद्रगढ़ को सौंपा है। इसमें आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है। सीएमएचओ ने मृतक के परिजन अमन पतवार व वार्ड वासी पप्पू हुसैन, टंटू, सबी मानिकपुरी, आकाश केशरवानी, अजय जायसवाल, आकाश दुआ, कमलकांत मलिक, हेमलता सोनी, खुशबू दास, नंदनी, शीतला, दीपा सोनी समेत लगभग 50 लोगों के खिलाफ उनके साथ गाली-गलौज व अपशब्दों का प्रयोग करते हुए जानलेवा हमला व मारपीट करने का आरोप लगाया है।









































