RAIGARH. शहर के एक रेस्टोरेंट में बीती रात न्यू ईयर सेलिब्रेशन की पार्टी चल रही थी। इस बीच वहां बज रहे डीजे का विरोध करने एक डॉक्टर जा पहुंचे। डॉक्टर का कहना है कि पार्टी के दौरान ही फायरिंग हुई और गोली उनके हाथ में लग गई। दूसरी ओर, लोगों का कहना है कि विरोध करने पहुंचे डॉक्टर ने पार्टी स्थल पर पहुंचने से पहले ही अपने हाथ पर खुद गोली मार ली थी। अब पुलिस उलझन में फंस गई है कि हकीकत क्या है। फिलहाल मामले की जांच कराने की बात कहते हुए किसी के खिलाफ अपराध दर्ज नहीं किया गया है।
मामला रायगढ़ के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहां अलंकार गार्डन रेस्टोरेंट का संचालन किया जाता है। एक जनवरी की रात को भी यहां न्यू ईयर सेलिब्रेशन जारी था। इस दौरान डीजे की धुन पर लोग पार्टी मना रहे थे। बताया जा रहा है कि डीजे के शोर से नाराज होकर शहर के डॉ. पीके पटेल मौके पर पहुंचे और देर रात डीजे बजाने का विरोध करने लगे। डॉ. पटेल की एक हथेली जख्मी हो गया है, जिसमें गोली चलने की स्पष्ट पहचान हो रही है। पुलिस के पास पहुंचे डॉ. पटेल ने जो शिकायत दर्ज कराई है, उसके मुताबिक जब वे डीजे का विरोध करने पहुंचे तब वहां पार्टी चल रही थी और तभी फायरिंग हुई और गोली उनके हाथ में जा लगी।

वहीं, दूसरे पक्ष से भी लोग थाने पहुंच गए। उनका कहना था कि मौके पर कोई फायरिंग नहीं हुई है। बल्कि विरोध जताने के लिए ही डॉ. पटेल ने पहले से ही अपनी हथेली पर खुद से ही गोली चलाकर उसे जख्मी कर लिया था। इसके बाद वे मौके पर पहुंचे। अब वे विक्टिम बनकर फरियाद कर रहे हैं। दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। जबकि पुख्ता तौर पर फिलहाल कोई सबूत किसी के पास नहीं है। लिहाजा, पुलिस ने भी पहले छानबिन कर और साक्ष्य जुटाने के बाद ही उचित कार्रवाई करने की बात कही है। बहरहाल, इस रोचक मामले ने शहर में नई चर्चा छेड़ दी है कि आखिर डॉक्टर पीके पटेल के हाथ में गोली कैसे चली। क्या डॉक्टर ने खुद अपनी हथेली जख्मी की है या फिर पार्टी के दौरान सच में फायरिंग हुई है और गोली उनकी हथेली पर जा लगी है।






































